कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश में फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई करते हुए बाकी शेष कॉलेज की भी सीबीआई जांच की बात कही है। नर्सिंग मान्यता फर्जीवाड़े मामले में गठित जस्टिस संजय द्विवेदी एवं जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की स्पेशल बेंच ने सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा – प्रदेश भर के शेष नर्सिंग कॉलेजों की भी सीबीआई जांच होगी। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद लगभग 200 से ज्यादा बचे हुए कॉलेज जांच से दायरे में आएंगे।

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याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया कि अभी मात्र 364 नर्सिंग कॉलेज की जांच सीबीआई द्वारा की गई है जबकि पिछले 3 सालों में लगभग 700 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज मध्य प्रदेश में खुले हैं और नए खोले गए कॉलेज भी मापदंडों को पूरे नहीं करते हैं ।

हाई कोर्ट की टिप्पणी मौके पर जाकर करना पड़ेगा जांच

याचिकाकर्ता ने पेश कुछ दस्तावेज पेश कर बचे हुए उन कॉलेजों की जांच की मांग करते हुए सत्र 2022-23 में नए खुले फर्जी नर्सिंग कॉलेजों के फोटो भी पेश किए, जिस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी और आश्चर्य व्यक्त करते हुए सरकार से अपात्र कॉलेजो को मान्यता देने वालों पर कार्रवाई करने और याचिकाकर्ता के आवेदन पर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले में याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत कुछ दस्तावेज पर हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी टिप्पणी की है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो हाईकोर्ट स्वयं मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का आकलन करेगा।

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मामले में अनुशंसा करने एक विशेषज्ञ समिति का गठन का प्रस्ताव

राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने आवेदन पेश कर सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए कॉलेजो के छात्रों को अन्यत्र शिफ्टिंग करने तथा जिन कॉलेजों में छोटी मोटी कमियां पाई गई है उनमें कमीपूर्ति का समय देने एवं अत्यधिक कमी वाले संस्थानों को बंद करने संबंधी अनुशंसा करने एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने का प्रस्ताव दिया, जिसके अनुसार मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति की अध्यक्षता में तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा एवं दो मेडिकल कॉलेज की डीन की कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया गया।

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बीएससी नर्सिंग की रुकी हुई परीक्षाएं करवाने की मांग

सरकार के आवेदन पर याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की तरफ से सरकार द्वारा प्रस्तावित कमेटी के सदस्यों पर आपत्ति व्यक्ति की गई जिस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भी प्रस्तावित कमेटी हेतु नाम का सुझाव देने हेतु निर्देशित किया है। वहीं महाधिवक्ता द्वारा मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की ओर से आवेदन पेश करते हुए बीएससी नर्सिंग की रुकी हुई परीक्षाएं करवाने की अनुमति कोर्ट से मांगी गई जिस पर आगामी तिथि में सुनवाई होगी।

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