प्रदीप सिंह ठाकुर, देवास। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जरूरी माने जाने वाली इंजेक्शन रेमडेसिविर की कालाबाजारी थम नहीं रही है. पूरे मध्यप्रदेश में कालाबाजारी करने वालों का गिरोह सक्रिय है. पुलिस ने ऐसे एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में 2 नर्स और एक मेडिकल स्टोर्स संचालक शामिल है. पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

रेमडेसिविर इंजेक्शन का बाजार मूल्य एक हजार से लेकर ढाई हजार रुपए

बता दें कि रेमडेसिविर इंजेक्शन का बाजार मूल्य एक हजार से लेकर ढाई हजार रुपए हैं और बाजार में इसकी कमी का फायदा उठाते हुए मेडिकल लाइन में छिपे तस्कर इसे मुंहमांगी कीमत पर बेच रहे हैं. देवास पुलिस ने भी एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं. जिसमें एक निजी हॉस्पिटल की फीमेल नर्स पूजा कलासिया व मेल नर्स अंकित पटेल समेत एक मेडिकल संचालक रुद्र तिवारी शामिल हैं.

आरोपियों ने बताया कि वह जरूरतमंदों को रेमडेसिविर 27 से 50 हजार रुपए तक बेचते थे
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह जरूरतमंदों को रेमडेसिविर 27 से 50 हजार रुपए तक बेचते थे. पुलिस मामले में जांच कर रहीं हैं कि आरोपी रेमडेसिविर इंजेक्शन कहा से लाते थे व इस कालाबाजारी में और कितने लोग इन आरोपियों से जुड़े हुए हैं. पुलिस को शक हैं कि स्टाफ नर्स अस्पताल से रेमडेसिविर की चोरी कर इन्हें ब्लैक में बेचते थे, फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही मामले से जुड़ी पूरी कहानी स्पष्ट हो पाएगी,

दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई

देवास एसपी डॉ शिवदयाल सिंह ने बताया कि आरोपियों से हर एंगल से पूछताछ हो रही है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई
बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दवाइयों और ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश है. उनके निर्देश पर पूरे प्रदेश में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.