दुर्गेश राजपूत, ​नर्मदापुरम। अपराधों की तफ्तीश और साक्ष्यों को सहेजने की दिशा में नर्मदापुरम पुलिस अब पहले से कहीं अधिक सक्षम और आधुनिक हो गई है। जिले को एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन (लैब ऑन व्हील्स) मिली है, जो अपराध स्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और सबूतों के सुरक्षित संग्रहण में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

वैन चलती-फिरती फॉरेंसिक लैब से कम नहीं

एसपी सांई कृष्णा थोटा के अनुसार, यह वैन किसी चलती-फिरती फॉरेंसिक लैब से कम नहीं है। इसमें जांच के लिए 70 से ज्यादा आधुनिक तकनीकी टूल्स दिए गए हैं। वैन में डीएनए, फिंगरप्रिंट, खून के नमूने, बाल और हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष किट मौजूद हैं। जैविक नमूनों को खराब होने से बचाने के लिए वैन में रेफ्रिजरेटर की सुविधा दी गई है। मौके पर ही साक्ष्यों के दस्तावेजीकरण के लिए वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और फोटोकॉपी की मशीनें उपलब्ध हैं। ​अक्सर संसाधनों की कमी या देरी के कारण घटनास्थल से लैब तक ले जाते समय फिंगरप्रिंट मिटने या खून के नमूने दूषित होने का खतरा रहता था।

प्राइमरी जांच मौके पर ही संभव

मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रभारी डॉ. ऋषिकेश यादव ने बताया कि पहले नमूनों को इंदौर या भोपाल लैब भेजने की प्रक्रिया में काफी समय लगता था। अब इस वैन के माध्यम से प्राइमरी जांच मौके पर ही संभव होगी, जिससे जांच की गुणवत्ता बढ़ेगी और मामलों का निपटारा तेजी से होगा। ​यह हाईटेक वैन जिले के सभी प्रमुख अपराध स्थलों पर भेजी जाएगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसमें अन्य आधुनिक उपकरण जोड़ने का प्रावधान भी रखा गया है। तकनीक आधारित इस नई व्यवस्था से अपराधियों को सजा दिलाने में वैज्ञानिक साक्ष्य अब सबसे बड़ी कड़ी साबित होंगे।

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साई कृष्णा, एसपी नर्मदापुरम

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