आरिफ शेख, श्योपुर। मध्य प्रदेश को कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता गौरव की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चीता गौरव 12 सितंबर को कमजोर और सुस्त हालत में मिला था, जिसके बाद उसका रेस्क्यू कर इलाज किया जा रहा था। लगातार इलाज के बाद भी आज सोमवार को चीते ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम और सैंपल जांच के बाद मौत की वजह सामने आएगी।
कूनो नेशनल पार्क से एक बुरी खबर सामने आई है। जहां 10 साल से अधिक उम्र के चीता गौरव की मौत हो गई। वह 12 सितंबर को कमजोर और सुस्त हालत में मिला था। गंभीर डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में कमी पाई गई थी। जिसके बाद उसका रेस्क्यू कर पालपुर के क्वारंटीन बोमा में इलाज किया जा रहा था। लगातार इलाज के बावजूद आज शाम करीब 4 बजे चीता गौरव ने दम तोड़ दिया।
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नामीबिया से 4 साल पहले लाए गए थे चीते
कूनो प्रबंधन ने चीता का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सैंपल जांच के बाद ही मौत की वजह सामने आएगी। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों को लाकर कूनो में ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई थी। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 चीते भारत लाए गए थे।
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चीता गौरव की मौत के बाद कूनो में 51 चीते
भारत में ही जन्मी मादा चीता KGP12 ने तीन दिन पहले यानी 18 सितंबर को चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस नई किलकारी के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई थी। लेकिन अब ‘चीता गौरव’ की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में 51 चीते बचे है। वहीं भारत में कुल चीतों की संख्या 55 है।
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