अनिल सक्सेना रायसेन। मध्यप्रदेश के अशोक नगर में मां जानकी का प्रसिद्ध करीला धाम में रंगपंचमी के दिन मेला लगा। जो भक्त करीला नहीं जा सकते वह रायसेन जिले के मिनी करीला धाम भानपुर में अपनी मुराद पूरी करते हैं। भक्तों की आस्था के कारण मां ने गैरतगंज के भानपुर में पहाड़ी पर प्रकट स्वरुप मिनी करीला धाम में भक्तों की मनोकामनाए पूर्ण करती हैं। 25 वर्षो से जो भक्त करीला धाम नहीं पहुंच पाते वह भानपुर के मिनी करीला धाम में मां जानकी से मन चाही मुराद पाने के बाद मां के दरवार में नृत्य करते हैं। यह मेला रंगपंचमी के एक दिन पहले से प्रारम्भ होकर रंगपंचमी की रात तक चलता हैं। यहां 50 हजार से अधिक भक्तों की भीड़ लगती है।
स्वप्न में मुराद पूरी करने की मान्यता
मां जानकी का पावन धाम करीला के बाद रायसेन जिले के गैरतगंज के भानपुर में मां ने पांडा के स्वप्न में कहा कि जो भक्त यहां नहीं आ सकते में वही उनकी मुराद पूर्ण करूंगी और 20 वर्षो से लगातार यहां पुत्र, धन सम्पत्ति यश सभी की प्राप्ति के बाद भक्त मां के दरबार में बेड़नी से नृत्य कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। जिस बेड़नी को समाज गन्दा समझता हैं मां जानकी को उसी के हाथ से मन्नत पूर्ण होने पर बधाई कराई जाती हैं और झंडा चढ़ाया जाता हैं।
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मां जानकी और लव कुश की मूर्ति
करीला धाम में मां जानकी और लव कुश की मूर्ति है। जो भक्त बड़ी करीला धाम अशोकनगर नहीं जा पाते वह मिनी करीला धाम भानपुर (गैरतगंज) बधाई करवाते है। करीला धाम में सुबह से ही भक्तों का तांता लगता हैं और लगभग 10 से 20 हजार भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं।
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