पटना। मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने माहिम इलाके से 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले इस आरोपी पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का गंभीर आरोप है। वह मुंबई में रैपिडो ड्राइवर और इत्र विक्रेता के रूप में काम कर रहा था। एटीएस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन से भड़काऊ पोस्ट और जैश संस्थापक मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप बरामद हुई हैं।
दस साल से मुंबई में रह रहा था आरोपी
जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले 10 साल से मुंबई में रह रहा था। वह माहिम में बाबा फलूदा के पास परफ्यूम बेचने और रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने का काम करता था। मुंबई एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत ने शुक्रवार को उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, और एजेंसी उसके पाकिस्तानी खुफिया संपर्कों व टेलीग्राम ग्रुप की गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।

परिजनों का दावा: उसे फंसाया जा रहा है
दूसरी ओर, आरोपी के परिवार वालों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसके चचेरे भाई शबीह अनवर और भाभी का कहना है कि हसन को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, वह काफी सीधा इंसान था जो पहले दिल्ली में रहा और फिर मुंबई जाकर इत्र का कारोबार करने लगा। परिवार ने उसकी किसी भी आतंकी गतिविधि से साफ इंकार किया है।
पृष्ठभूमि और मसूद अजहर का इतिहास
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को पहली बार 1994 में गिरफ्तार किया गया था, जिसे 1999 में IC-814 विमान अपहरण के बदले छोड़ा गया था। इसके बाद उसने साल 2000 में जैश की नींव रखी, जिसका नाम संसद हमले सहित कई बड़ी वारदातों से जुड़ा है। भारत सरकार ने 2019 में उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था।

