मुजफ्फरपुर। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में एक भीषण सड़क हादसे में बिहार के मुजफ्फरपुर के दो व्यवसायियों की जान चली गई। भूटान यात्रा से अपनी स्कॉर्पियो कार से वापस लौट रहे दोनों दोस्त एशियन हाईवे-48 पर एक तेज रफ्तार 18-चक्का ट्रेलर की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और दोनों के शव गाड़ी के अंदर ही फंस गए।
सड़क हादसे की पूरी घटना और मृतकों की पहचान
मंगलवार सुबह करीब 6:45 बजे मदारीहाट इलाके में सरकारी आरा मिल के पास यह दुर्घटना घटी। मृतकों की पहचान मुजफ्फरपुर नगर थाना क्षेत्र के दाता कंबल शाह मजार निवासी 30 वर्षीय अफरोज खान और माड़ीपुर निवासी 35 वर्षीय मोहम्मद जमीर खान (अशरफ आलम) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, अफरोज खान अपने दोस्त जमीर खान को छोड़ने और व्यापारिक सिलसिले से अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो से पश्चिम बंगाल और भूटान गए थे। वापसी के दौरान जब वे मदारीहाट से गुजर रहे थे, तभी किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने के चक्कर में उनकी गाड़ी सामने से आ रहे अनियंत्रित 18-चक्के वाले ट्रेलर से सीधे जा टकराई। भिड़ंत के बाद ट्रेलर भी सड़क के किनारे अनियंत्रित होकर पलट गया।


गैस कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने मदारीहाट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस और राहत बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। स्कॉर्पियो की बुरी तरह क्षतिग्रस्त बॉडी के अंदर शव फंसे होने के कारण उन्हें बाहर निकालना बेहद मुश्किल था। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और गैस कटर की मदद से गाड़ी के दरवाजों और लोहे के हिस्सों को काटकर दोनों के शवों को बाहर निकाला जा सका। इसके बाद पुलिस ने उन्हें स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश
दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रेलर का चालक और खलासी मौके पर वाहन छोड़कर फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अलीपुरद्वार जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और फरार ड्राइवर व खलासी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस अचानक हुए हादसे से दोनों कारोबारियों के परिवारों में मातम पसर गया है और मुजफ्फरपुर में शोक की लहर दौड़ गई है।



