कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। शहर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) सुधीर कुमार को 19,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने संविदा कर्मी संतोष कुमार से सेवा विस्तार और पुनः योगदान की अनुमति देने के बदले 2 लाख रुपए की मांग की थी। सुधीर कुमार के पास परियोजना निदेशक (आत्मा) तथा सहायक निदेशक (शस्य), तिरहुत प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार भी था।
पहली किस्त पत्नी के गहने गिरवी रखकर दी
पीड़ित संतोष कुमार के अनुसार, 5 दिसंबर 2025 को उन्होंने दबाव में आकर 1,81,000 रुपए की पहली किस्त दे दी। यह राशि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर, पत्नी के गहने गिरवी रखकर और अपनी गाड़ी बेचकर जुटाई थी। इसके बावजूद अधिकारी शेष 19,000 रुपए देने को मजबूर कर रहे थे।
शिकायत के बाद निगरानी की योजना
लगातार मानसिक दबाव से परेशान होकर संतोष ने 11 दिसंबर 2025 को पटना स्थित निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन हुआ। योजना के तहत शनिवार को संतोष जब चर्च रोड स्थित निजी आवास पर बची रकम देने पहुंंचे, तो पहले से तैनात टीम ने सुधीर कुमार को रिश्वत की राशि सहित गिरफ्तार कर लिया।
आवास की तलाशी, पटना ले जाया गया
निगरानी विभाग के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के आवास की तलाशी ली जा रही है, ताकि असमीय संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए जा सकें। गिरफ्तारी के बाद अधिकारी को पटना ले जाया गया, जहां उन्हें विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।
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