मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने लोगों को नोट डबल करने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मोतीपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से नकली कूपन नोट, असली भारतीय मुद्रा, मोबाइल फोन, बैग, पुलिस लिखित फ्लेक्स बोर्ड, खाकी वर्दी-टोपी और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य स्कॉर्पियो से इलाके में घूमकर सीधे-साधे लोगों को अपना शिकार बनाते थे।

ऐसे देते थे नोट डबल करने का झांसा

पुलिस की जांच के अनुसार गिरोह के सदस्य पहले लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देते थे। मसलन, कोई व्यक्ति 5 हजार रुपये देता तो उसे 10 हजार रुपये वापस देने की बात कही जाती थी। इसी तरह 20 हजार रुपये के बदले 40 हजार रुपये देने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों का तरीका बेहद शातिराना था। वे कूपन नोटों की गड्डी तैयार करते थे। गड्डी के ऊपर और नीचे असली भारतीय मुद्रा के नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में कूपन नोट रखे जाते थे। इसके बाद लोगों को गड्डी दिखाकर भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी रकम दोगुनी कर दी गई है।

व्यक्ति को डराता-धमकाता था

इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य मौके पर पहुंचता था। वह खुद को पुलिसकर्मी बताकर नोट डबल कराने वाले व्यक्ति को डराता-धमकाता था। आरोपी उसे बताता था कि उसने गलत काम किया है और अब उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। इसी डर का फायदा उठाकर दोगुनी की गई रकम वाली गड्डी भी वापस ले ली जाती थी। इस तरह पीड़ित के पास ठगी का कोई स्पष्ट सबूत भी नहीं बचता था।

रिटायर्ड होमगार्ड पहनता था पुलिस की वर्दी

पुलिस के मुताबिक गिरोह में शामिल एक आरोपी होमगार्ड का रिटायर्ड जवान है। वह खाकी वर्दी और टोपी पहनकर पुलिसकर्मी के रूप में मौके पर पहुंचता था। पुलिसिया रौब दिखाकर वह पीड़ित को थाना ले जाने और गिरफ्तार करने की धमकी देता था। इसके बाद कूपन नोटों की गड्डी भी अपने साथ ले जाता था।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर के अनुसार, 27 सितंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग मोतीपुर बाजार और बस स्टैंड इलाके में भारतीय मुद्रा जैसे दिखने वाले मनोरंजन बैंक अंकित कूपन नोटों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। एसआईटी, विशेष पुलिस दस्ता, एसडीओ पश्चिमी-1 सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में मोतीपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरोह के छह सदस्यों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साधु सहनी, कृष्ण पटेल, राहुल कुमार सिंह, वीरेंद्र पासवान, सुरेश राय और मो. साबिर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सुरेश राय पूर्व में होमगार्ड में कार्यरत था।

पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के पास से 71,200 रुपये के असली भारतीय मुद्रा जैसे दिखने वाले 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद की हैं। इसके अलावा 10 लाख 7 हजार 600 रुपये के ‘Children’s Bank’ लिखे कूपन नोट, छह मोबाइल फोन, बैग, पुलिस लिखा हुआ फ्लेक्स बोर्ड, खाकी वर्दी और टोपी बरामद की गई है। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है।

गिरोह में और कितने लोग शामिल

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और गिरोह में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।