मुजफ्फरपुर। जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहबाजपुर में स्कूल परिसर में करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसी सातवीं कक्षा की छात्रा संध्या कुमारी की हालत नाजुक बनी हुई है। संक्रमण बढ़ने के कारण डॉक्टरों द्वारा उसका हाथ काटने की आशंका जताए जाने के बाद शुक्रवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उचित कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर सुबह करीब साढ़े नौ बजे से स्कूल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया गया और सड़क जाम कर दी गई।
सड़क जाम और तीन घंटे हंगामा
परिजनों और स्थानीय लोगों ने विद्यालय के शिक्षकों पर भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर टायर जलाए और जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए स्कूल का मुख्य गेट नहीं खोला गया, जिसके कारण सुबह साढ़े ग्यारह बजे होने वाली छुट्टी में करीब आधे घंटे की देरी हुई। दोपहर बारह बजे के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) दीपक कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की, जिसके बाद गेट खोला गया और बच्चों को बाहर निकाला जा सका।
9 अक्टूबर को हुआ था हादसा
बीती नौ अक्टूबर को स्कूल परिसर के ऊपर से गुजर रहे ग्यारह हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन बच्चियां गंभीर रूप से झुलस गई थीं। इनमें तेरह वर्षीय संध्या कुमारी की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है और उसका इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है। लगातार बिगड़ती स्थिति और हाथ काटने की नौबत आने के बाद परिवार वाले बच्ची के बेहतर इलाज, सुरक्षा और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
न्याय और भविष्य की गुहार
संध्या के पिता राजकुमार गुप्ता ने दर्द बयां करते हुए कहा कि उनकी बेटी सातवीं कक्षा में पढ़ती है और स्कूल प्रशासन की लापरवाही ने उसकी जिंदगी दांव पर लगा दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बच्ची का हाथ कट जाता है, तो उसका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। वहीं, मां अनु देवी ने भी प्रशासन से बच्ची के इलाज और भविष्य के लिए ठोस मदद की गुहार लगाई है। स्थिति को नियंत्रित करते हुए डीपीओ दीपक कुमार ने लिखित शिकायत लेकर जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

