उत्तम कुमार, मुजफ्फरपुर। सीनियर एसपी कार्यालय से जुड़े राशि घोटाला मामले में एक महिला सिपाही को निगरानी कोर्ट ने दोषी करार दिया है, जिसका फैसला 26 अक्टूबर को होगा। फैसले वाले दिन दोषी महिला सिपाही के लिए सजा की अवधि तय होगी। पूरा मामला मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी कार्यालय में 7 करोड़ की राशि गबन से जुड़ा हुआ है। 2010 में गबन का मामला सामने आने पर तत्काल नगर थाना में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई थी।

सीनियर एसपी कार्यालय के तत्कालीन अकाउंटेंट सुशील कुमार के द्वारा यह घोटाला किया जा रहा था। घोटाला में पुलिस विभाग के कर्मियों का राशि को अन्य अकाउंट में सीधे भेजा जा रहा था, जिन अकाउंट में पैसा भेजा जा रहा था। उसमें सुशील कुमार, शकुंतला देवी और सिपाही बेबी कुमारी का अकाउंट शामिल था।

हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा फ्रॉड सामान्य ढंग से चल रहा था। विभाग के किसी भी अन्य व्यक्ति को कानों कान तक इसकी कोई खबर नहीं थी। घटना की जानकारी तब सामने आई, जब बैंक ने सीनरीयर एसपी को गोपनीय पत्र देकर यह जानकारी दिया कि समस्तीपुर के बैंक से एटीएम के द्वारा सुशील कुमार लगातार भारी भरकम राशि की निकाशी कर रहे हैं। तब एसपी ने हेड क्वार्टर डीएसपी को जांच करने का आदेश दिए।

आदेश के बाद हेड क्वार्टर डीएसपी के द्वारा जांच किए जाने पर 7 करोड़ के गबन का मामला सामने आया, जिस पर हेड क्वार्टर डीएसपी ने तत्काल नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराया और जांच शुरू हुई। जांच में सुशील कुमार, शकुंतला देवी और सिपाही बेबी कुमारी के ठिकानों पर छापेमारी भी हुई, जिसमें शकुंतला देवी के घर से 53 लाख रुपया कैश, सिपाही बेबी कुमारी के घर से 2 लाख 40 हजार और अकाउंटेंट सुशील कुमार चौधरी के घर से 84 लाख रुपया नगद बरामद किया गया था। राशि इतनी अधिक थी की नोट गिनने के लिए मशीन तक मंगवाना पड़ा।

दरअसल सुशील कुमार सभी सिपाही कर्मी और पदाधिकारी का वेतन टीए एवं अन्य भत्ता बनाने का काम करते थे, जिस सीडी से वेतन निर्गत होता था, उस सिडी में बैंक कर्मियों के मदद से पुलिस विभाग का नाम वही रहता था, लेकिन बैंक अकाउंट नंबर बदल जाता था, जिसमें सुशील कुमार, शकुंतला देवी और बेबी कुमारी के बैंक अकाउंट होते थे और पैसा उसमें चले जाते थे।

हैरानी की बात यह है कि यह खेल काफी दिनों से चल रहा था। अगर बैंक अधिकारी गोपनीय तरीके से सीनियर एसपी को प्रतिदिन सुशील कुमार द्वारा एटीएम से भारी भरकम राशि निकासी की घटना की सूचना नहीं देते तो शायद ही यह बात सामने आती।

सीनियर एसपी ने जांच के बाद केस की गंभीरता को देखते हुए निगरानी विभाग को भी जांच के लिए कहा। जांच में निगरानी विभाग ने बेबी कुमारी द्वारा 2 लाख 42,000 की राशि ट्रांसफर करने की भी बात सामने आई। जब जांच का दायरा बढ़ाया गया तो काफी संख्या में जमीन एवं अन्य चीज की खरीदारी की बात सामने आई। वहीं, अब निगरानी कोर्ट 2 जिसमें न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर है ने यह फैसला सुनाया की बेबी कुमारी दोषी है और 26 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। एसपी कार्यालय के राशि घोटाला मामले में सुशील कुमार और शकुंतला देवी का भी मामला न्यायालय में चल रहा है।

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