मुजफ्फरपुर। जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित रामबाग नहर रोड के शास्त्रीनगर मोहल्ले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार को एक किराए के कमरे से 45 वर्षीय महिला उषा देवी का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद किया गया। मृतका का शव कंबल में लिपटा हुआ था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद से महिला के साथ कमरे में रहने वाला उसका सहकर्मी अनिल राम फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

​सहकर्मियों के रूप में रहना और बीमारी की बात

​मृतका की पहचान उषा देवी के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। मृतका के साथ रहने वाले अनिल राम के भांजे गणेश ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि उसके मामा अनिल राम और उषा देवी एक ही कंपनी में एक साथ काम करते थे। कुछ समय पहले उषा की तबीयत काफी खराब हो गई थी, जिसके कारण अनिल उनकी देखभाल करने और खाना बनाने में मदद करने के लिए उनके साथ ही रहने लगा था। गणेश ने फिलहाल मौत के असली कारणों की जानकारी होने से साफ इनकार किया है।

​कैंसर के इलाज के मिले कागजात और एफएसएल जांच

​घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मकान मालिक की मौजूदगी में कमरा खुलवाया गया। कमरे के भीतर महिला का शव कंबल में लिपटा मिला। पुलिस ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
​एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि घटनास्थल से महिला के पहचान से जुड़े दस्तावेजों के अलावा कैंसर के इलाज से जुड़े कई कागजात भी बरामद हुए हैं। इन मेडिकल कागजातों की जांच से पता चला है कि गुरुवार को ही महिला को डॉक्टर के पास इलाज के लिए दिखाया गया था। आसपास के लोगों ने भी पुष्टि की है कि वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं।

​सहकर्मी के फरार होने से गहराया शक

​पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि महिला की मौत प्राकृतिक रूप से बीमारी के कारण हुई थी, तो उसका सहकर्मी अनिल राम कमरे को बाहर से बंद करके क्यों फरार हो गया? पुलिस इस एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह मौत सिर्फ बीमारी का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक मामला छिपा है।
​फिलहाल, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली और पुख्ता वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट और एफएसएल जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।