वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले में बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन (NH-20) पर स्थित भागन बिगहा के समीप सर्विस लेन चालू होने से वाहन चालकों को एक नया रास्ता मिल गया है। ट्रक, बस, ट्रेलर और छोटे वाहनों को पैठना टोल प्लाजा से तीन किलोमीटर पहले ही यह वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो रहा है। हालांकि, इस नए मार्ग के खुलते ही टोल वसूली और एनएच-20 के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर इस बदलाव से सड़क व्यवस्था और राजस्व पर क्या प्रभाव पड़ेगा? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।

​पैठना टोल प्लाजा को बाईपास करने की होड़

​नालंदा के भागन बिगहा के पास सर्विस लेन की शुरुआत ने पटना, बिहारशरीफ, नवादा से लेकर रांची और कोलकाता तक यात्रा करने वाले वाहन चालकों को एक नया विकल्प दे दिया है। भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए ईंधन और परिचालन लागत बहुत मायने रखती है। ऐसे में टोल प्लाजा से ठीक पहले बिना टोल वाला रास्ता मिलना चालकों और मालिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।

​50% वाहनों के रूट डायवर्जन का दावा

​स्थानीय लोगों और चालकों का दावा है कि सर्विस लेन शुरू होने के बाद से लगभग 50 प्रतिशत वाहन टोल प्लाजा पर जाने के बजाय इसी वैकल्पिक रास्ते का रुख कर रहे हैं। हालांकि, टोल प्लाजा की आय में कितनी कमी आई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी लोग टोल से बचने के लिए डिवाइडर काट रहे थे, जिसे एनएचएआई और पुलिस प्रशासन ने बंद करवाया था।

​सड़क रखरखाव और सुरक्षा पर लटकी तलवार

​टोल टैक्स की वसूली कम होने की आशंका से अब सड़क के रख-रखाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एनएच-20 की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा पर कोई विपरीत असर न पड़े, यह सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।

​विभाग के रुख पर टिकी सबकी निगाहें

​सर्विस लेन से भले ही चालकों की जेब ढीली होने से बच रही हो, लेकिन टोल राजस्व में गिरावट और हाईवे के दीर्घकालिक रखरखाव पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह संबंधित विभाग (NHAI) की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा।