वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार थाना क्षेत्र के कागजी मोहल्ला स्थित बासुकुल सर्जिकल अस्पताल में हर्निया के ऑपरेशन के लिए पहुंचे 72 वर्षीय बुजुर्ग संतोष कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भारी लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है।
साइकिल चलाकर पहुंचे थे अस्पताल
मृतक संतोष कुमार सलेमपुर मोहल्ला के रहने वाले थे और पेशे से सोना-चांदी के एक प्रतिष्ठित कारोबारी थे। परिजनों के अनुसार, वह अपनी बीमारी के इलाज के लिए पूरी तरह स्वस्थ और फिट थे। यहां तक कि हर्निया के ऑपरेशन के लिए वह खुद साइकिल चलाकर अस्पताल पहुंचे थे। उनके इस प्रकार अचानक दुनिया से चले जाने से परिवार सदमे में है।
इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी तबीयत
मृतक के पुत्र सौरभ कुमार ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर द्वारा एक इंजेक्शन दिए जाने के तुरंत बाद उनके पिता की तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी। उनके मुंह से झाग निकलने लगा और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आशंका जताई है कि या तो वह इंजेक्शन एक्सपायरी डेट का था या फिर गलत दवा का इस्तेमाल किया गया था, जिसके कारण यह अनहोनी हुई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बिहार थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
मृतक के पुत्र सौरभ कुमार और सेना में कार्यरत उनके भतीजे रवि कुमार सिंह ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर जांच में डॉक्टर या अस्पताल प्रबंधन की कोई भी लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।


