नालंदा। जिले के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार सुबह हुई भगदड़ ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया। इस हादसे में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों का इलाज नजदीकी मॉडल अस्पताल में जारी है।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार और शीतला अष्टमी के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। स्थानीय परंपरा के तहत इस दिन माता शीतला की पूजा के लिए विशेष मेला भी लगता है, जिससे भीड़ और बढ़ गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भगदड़ की मुख्य वजह अव्यवस्थित भीड़ और दर्शन के लिए मची होड़ रही। श्रद्धालु बिना कतार के जल्द से जल्द गर्भगृह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। मंदिर का गर्भगृह छोटा होने के कारण अंदर और बाहर दबाव बढ़ता गया, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। महिलाओं ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग एक-दूसरे पर चढ़ने लगे थे।

व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात आई सामने

स्थानीय प्रशासन की ओर से पर्याप्त भीड़ नियंत्रण व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात भी सामने आ रही है। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेला दोनों को बंद करा दिया है। फिलहाल मृतकों में रीता देवी (50) और रेखा देवी (45) की पहचान हो पाई है। घटना के बाद बड़े लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आधारभूत संरचना को लेकर ठोस तैयारी बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।