भुवनेश्वर: मरीज़ों के हितों की रक्षा के लिए एक सख़्त कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार ने गंभीर उल्लंघनों का पता चलने के बाद आयुष्मान भारत-गोपबंधु जन आरोग्य योजना की पैनल सूची से 10 निजी अस्पतालों को हटा दिया है।
यह घोषणा सोमवार को विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के खिलाफ मिली 56 शिकायतों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, और बाद की जांच में इलाज में लापरवाही और उचित क्लिनिकल पंजीकरण की कमी से लेकर योजना के दिशानिर्देशों का पालन न करने तक की कई अनियमितताएं सामने आईं।
एक मामले में तो एक मरीज़ की मौत भी हो गई थी। पैनल से हटाए गए अस्पतालों में कटक के तीन, गंजाम और खुर्दा के दो-दो, और केंद्रपाड़ा, भद्रक और बोलांगीर के एक-एक अस्पताल शामिल हैं।
इसके अलावा, गंजाम के एक अस्पताल पर डुप्लीकेट क्लेम फाइल करने के लिए 58,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, और यह राशि पहले ही वसूल कर ली गई है।

महालिंग ने ज़ोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी जारी रहेगी कि लाभार्थियों को योजना के तहत किए गए वादे के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस इलाज मिले। अधिकारियों ने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले किसी भी संस्थान को निलंबन या जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
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