प्रदीप गुप्ता, कवर्धा। कहते हैं नाम से ही पहचान बनती है, और पहचान से आत्मसम्मान. कबीरधाम जिले के एक छोटे से गांव के लिए आज यह बात पूरी तरह सच साबित हुई है. पीढ़ियों से चंडालपुर नाम के बोझ को ढो रहा यह गांव अब चंदनपुर के नाम से जाना जाएगा. राज्य शासन द्वारा इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई.

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जैसे ही ग्रामीणों को नाम परिवर्तन की आधिकारिक जानकारी मिली, पूरा गांव जश्न में डूब गया. ग्रामीणों ने मिलजुलकर कर खुशी मनाई. ग्रामीणों का कहना है कि पहले जब भी वे बाहर जाते थे या अपने गांव का नाम बताते थे, तो उन्हें अक्सर शर्मिंदगी और असहजता का सामना करना पड़ता था. कई बार लोग मज़ाक उड़ाते थे, तो कई बार नाम सुनकर गलत नज़रिए से देखा जाता था.

गांव के लोग अपने बेटे बेटियों की रिश्ता लेकर जाते थे, तो गांव का नाम बताने में शर्म महसूस करते थे. अब गांव का नाम चंदनपुर होने से उन्हें गर्व और सम्मान की अनुभूति हो रही है.

ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए क्षेत्र के विधायक व मंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया है. उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर विधायक ने गांववासियों की भावनाओं को समझा और पहचान को नया सम्मान दिलाया. अब ग्रामवासी चाहते हैं कि जिस तरह से गांव का नाम चंदनपुर रखा गया है गांव में मूलभूत ज़रूरतें भी पूरी हो जाए.