राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध रूप से सरकारी टोल वसूली हुई है। जहां 6 माह से लेकर 1 साल पहले तक 7 सड़कों से 603 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। राज्यपाल की अधिसूचना जारी होने से पहले ही टोल वसूली हुई है।
विधानसभा में आए पीडब्ल्यूडी के जवाब से खुलासा हुआ है कि तय तारीख से पहले ही टोल वसूली की गई थी। दरअसल, कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सदन में सवाल उठाया था, जिसे लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने लिखित जवाब दिया।
अधिसूचना और टोल वसूली की तारीखों में अंतरभोपाल बायपास
अधिसूचना- 8 दिसंबर 2020
टोल वसूली शुरू- 12 दिसंबर 2019
इंदौर-उज्जैन मार्ग
अधिसूचना- 30 दिसंबर 2022
टोल वसूली शुरू- 21 जनवरी 2022
सागर-दमोह मार्ग
अधिसूचना- 8 दिसंबर 2021
टोल वसूली शुरू- 28 फरवरी 2021
भिंड-गोपालपुरा मार्ग
अधिसूचना: 4 जनवरी 2022
टोल वसूली शुरू: 19 मार्च 2021
गुना–ईसागढ़ मार्ग
अधिसूचना: 10 अक्टूबर 2024
टोल वसूली शुरू: 2 जून 2023
महू–घाटाबिल्लौद मार्ग
अधिसूचना: 24 दिसंबर 2021
टोल वसूली शुरू: 28 फरवरी 2021
बीना–खिमलासा मार्ग
अधिसूचना: 8 दिसंबर 2021
टोल वसूली शुरू: 19 मार्च 2021
कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि कई सड़क परियोजनाओं में अधिसूचना और टोल वसूली की तारीखों में स्पष्ट अंतर है जो नियमों के विरुद्ध है और यह कानून का उल्लंघन है। प्रदेश की 7 सड़कों पर अधिसूचना जारी होने से पहले कथित अवैध टोल वसूली की गई। एमपीआरडीसी ने दिसंबर 2025 तक 603.66 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया। इंडियन टोल एक्ट के तहत शासन अपने स्तर पर किसी भी सड़क पर टोल नहीं ले सकता है। सड़क जनता की संपत्ति है और शासन उसकी ट्रस्टी, उस संपत्ति से बेजा लाभ नहीं कमा सकता है।
PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि टोल वसूली शासकीय खजाने में ही जमा हुई है। इसलिए इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला बनता ही नहीं है।

