उत्तम कुमार, मुजफ्फरपुर। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए (भाजपा समर्थित) प्रत्याशी डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह ने आज गुरुवार (1, अक्टूबर) को आयुक्त कार्यालय तिरहुत प्रमंडल के कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया। इसके उपरांत शहर के निजी होटल में आयोजित नामांकन सभा मे पहुंचकर शिक्षकों से जीत का आशीर्वाद मांगा।
‘हर व्यक्ति ले 10 वोट की जिम्मेदारी’
आशीर्वाद सभा में पहुंचे बिहार सरकार के भूमी-सुधार एवं राजस्व मंत्री सह जिला प्रभारी डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि, सभा में आयें सभी लोग कम से कम 10 वोटर की चिंता करें तो निश्चित तौर पर हम यह चुनाव बड़े अंतर से जीतेंगे। जायसवाल ने कहा कि, बिहार सरकार के शिक्षकों को सर्वांगीण विकास, उन्नत शिक्षा प्रणाली और प्राचीन भारत में बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में जो गौरव प्राप्त था, उसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अगुवाई निरंतर कार्य और योजना क्रियान्वित हो रही है। तिरहुत क्षेत्र के विधालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय और शिक्षक और छात्र-छात्राओं के बेहतरी की हक-हकूक की लड़ाई लड़े और उसे पटल मे लाने के लिए एनडीए प्रत्याशी को जीताने के लिए अभी से 20 दिनों को समय लगा दें, ताकी बिहार में एनडीए सरकार और सशक्त हों।
‘NDA सरकार को शिक्षा और शिक्षकों की चिंता’
वहीं, इस मौके पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि, शिक्षकों और शिक्षा की कोई चिंता अगर कर सकता है तो एनडीए ही कर सकती है, जो कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में दिखा और आगे अभी और भी बेहतर दिखेगा। उन्होंने कहा कि, शिक्षा प्रणाली को सशस्त्र बनाने में निरंतर बिहार सरकार काम कर रही है। शिक्षक निर्वाचन का चुनाव है और एनडीए प्रत्याशी को आप सदन में भेजिए। तिरहुत क्षेत्र की चिंता सरकार विशेष तौर पर करेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि, विरोधी के झांसे में नहीं आना है, जो सरकार से फायदा भी लेता हो और अच्छे कार्य करने वाले सरकार को अपमानित भी करता है। उनको घर बैठा देना और जो तिरहुत के शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था की चिंता करता है, उसे सदन पहुंचाना है।
‘राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का अहम योगदान’
वहीं, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह सांसद डॉ. राजभूषण निषाद ने कहा कि समाज और राष्ट्र निर्माण मे शिक्षा और शिक्षकों को मुख्य भूमिका होती है। ऐसे में सशक्त और शिक्षकों के प्रति संवेदनशील प्रतिनिधि को हम सदन भेजेंगे तो शिक्षक की समस्या समाधान में बदलने में देर नहीं होगी। ऐसी स्थिति मे एनडीए प्रत्याशी को जीता कर हमें शिक्षकों के आवाज को राज्यपटल पर लाना होगा। तभी शिक्षा क्षेत्र में और बेहतरी हो सकेगा।
‘आज होती है आधुनिक शिक्षा की बात’
वहीं, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि, एनडीए की सराकर में जो शिक्षा और शिक्षकों के लिए काम हुआ है। वह अकल्पनीय है। एक दौर था, जब बिहार में लूट, अपहरण, हत्या और चरवाहा विधालय की बात होती थी। आज नए विश्वविद्यालय, विधालय और आधुनिक शिक्षा की बात होती है। यह है नया बिहार और ऐसे में शिक्षको का दायित्व और बढ़ जाता है कि वें शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक के हितों की लड़ाई लड़ने वाले को अपना पूर्ण समर्थन दें।
नरेंद्र सिंह ने शिक्षकों से मांगा जीत का आशीर्वाद
सभा को संबोधित करते हुए प्रत्याशी डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षक मतदाताओं का आशीर्वाद, समर्थन और सहयोग के बीना मेरी लड़ाई अधुरी है। शिक्षक समाज शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है और शिक्षक हितों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाना उनका क्रियान्वयन कराना मेरी प्राथमिकता में थी और रहेगी।
उन्होंने शिक्षक समुदाय की समस्याओं का निदान, उनका सम्मान,अधिकार एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से रखने का भरोसा भी दिलाया और कहा कि शिक्षक मतदाताओं के विश्वास और सहयोग के साथ तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी शिक्षकों के हितों को मजबूती से आगे बढ़ाने का प्रयास निरंतर करता रहूंगा।
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