कुंदन कुमार/पटना। राजधानी के एक हॉस्टल में रह रही छात्रा की मौत को लेकर पुलिस जांच पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पटना पुलिस का कहना है कि नींद की गोली से मौत हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी विनय कुमार ने सात सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। टीम का नेतृत्व सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार करेंगे। जांच की रोजाना समीक्षा आईजी जितेंद्र राणा करेंगे। वहीं इस मामले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एसआईटी गठन की जानकारी दी है।

रेप हुआ या नहीं, स्पष्ट नहीं
एम्स के डॉक्टरों ने पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अस्पष्ट बताया है। उनका कहना है कि सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार नहीं किया जा सकता यह अपने आप में यह साबित नहीं करता कि रेप हुआ है या नहीं। इसी कारण एम्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज, डॉक्टरों के बयान और साक्ष्य भेजे गए हैं। एफएसएल जांच के लिए वेजाइनल स्वाब, विसरा, कपड़े और बेडशीट भी भेजी गई है।
एसआईटी का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी विनय कुमार ने सात सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जिसकी अगुवाई सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार कर रहे हैं। आईजी सेंट्रल रेंज जितेंद्र राणा रोज़ाना जांच की समीक्षा करेंगे।
परिजनों का आरोप
छात्रा के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गैंगरेप का आरोप लगाया और सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस ने निजी अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर नींद की गोली से मौत की बात कैसे कही। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि केस दबाने के लिए 10 लाख रुपये की पेशकश की गई थी।
जांच का दायरा बढ़ा
पहले ओवरडोज से मौत बताने वाली पुलिस अब जांच का दायरा बढ़ा रही है। छात्रा के मोबाइल सीडीआर में एक नंबर से बार-बार कॉल की पुष्टि हुई है। पटना से लेकर जहानाबाद तक घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
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