पटना। बिहार के चर्चित NEET छात्रा रेप और मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच पूरी करने के बाद पटना सिविल कोर्ट की पॉक्सो अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। घटना के 8 महीने बीत जाने के बाद भी जांच एजेंसी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
क्लोजर रिपोर्ट और कोर्ट की आगे की कार्रवाई
मामले की जांच अधिकारी विभा कुमारी ने मंगलवार को पॉक्सो अदालत में क्लोजर रिपोर्ट सौंपी। अपर लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद के अनुसार, सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिला है।
अदालत ने इस मामले के इनफॉर्मर पक्ष को नोटिस जारी किया है और उन्हें टेलीफोन के जरिए भी इसकी सूचना दी गई है। 13 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के दौरान इनफॉर्मर पक्ष अपनी आपत्ति या राय कोर्ट के सामने रख सकेगा। इसके बाद अदालत तय करेगी कि रिपोर्ट स्वीकार की जाए या आगे की जांच का आदेश दिया जाए।
पुलिस और CBI की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल
यह मामला 6 जनवरी 2025 का है, जब पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली NEET छात्रा अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
- लापरवाही और पॉक्सो एक्ट: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पटना पुलिस ने इसे नशीली दवा का ओवरडोज बता दिया था। बाद में 15 जनवरी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा से इनकार नहीं किया गया और कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई। कोर्ट की फटकार के बाद ही इसमें पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
- बयान दर्ज करने में कोताही: कानूनन अनिवार्य होने के बावजूद जांच के दौरान मृत छात्रा की मां का बयान तक दर्ज नहीं किया गया।
- CBI की धीमी प्रगति: बिहार सरकार ने मामला SIT से लेकर CBI को सौंपा था। 12 फरवरी को केस टेकओवर करने के बाद CBI ने पटना पुलिस की जांच से आगे कदम नहीं बढ़ाया। करीब 30 लोगों का डीएनए टेस्ट कराया गया, लेकिन छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म से किसी का डीएनए मैच नहीं हुआ।
प्रशासनिक लापरवाही और निलंबन
मामले में घोर लापरवाही बरतने के कारण चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन एसएचओ रोशनी कुमारी और कदमकुआं के पदाधिकारी हेमंत झा को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, बाद में उनका निलंबन समाप्त हो गया और वे ड्यूटी पर लौट आए। अब सभी की निगाहें 13 अक्टूबर की कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं।

