पटना। ​पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना में NEET छात्रा की मौत को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं। फेसबुक लाइव के जरिए उन्होंने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए ‘सुनियोजित हत्या’ करार दिया। यादव ने स्पष्ट किया कि वे इस न्याय की लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।

​दो रहस्यमयी नेताओं का जिक्र और CCTV की मांग

​पप्पू यादव ने बोरिंग रोड, पटना की नागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले दो व्यक्तियों—’संजय’ (जिसका घर खगड़िया में है) और ‘गुप्ता’—की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से इन नेताओं के कार्यालयों के CCTV फुटेज की जांच करने की मांग की और पूछा कि क्या वहां मनीष रंजन नामक व्यक्ति की आवाजाही थी। उन्होंने मनीष रंजन को राजनीतिज्ञों का सप्लायर बताया।

​अस्पताल और इलाज पर गंभीर आरोप

​सांसद ने प्रभात मेमोरियल और मेदांता जैसे अस्पतालों पर मेडिकल प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनके मुख्य दावे निम्नलिखित हैं:
​छात्रा को एंटीडोट देने के बजाय लगातार सेडेटिव और Kitmex 50mg जैसे नशे के इंजेक्शन दिए गए।
​बिना परिजनों की अनुमति के प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया।
​संदिग्ध ओपिओइड पॉइजनिंग होने के बावजूद सही समय पर जरूरी टेस्ट नहीं किए गए।

​जांच एजेंसियों और जेल प्रशासन पर सवाल

​पप्पू यादव ने SIT और CID की जांच को सिस्टम द्वारा कमजोर किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने जेल में अपने साथ हुई प्रताड़ना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 28 घंटे सांप-चूहों वाली जगह पर रखा गया। उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट के फोन रिकॉर्ड खंगालने की भी मांग की। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे जल्द ही सारे दस्तावेजी सबूत सार्वजनिक करेंगे।