कुंदन कुमार/पटना/नई दिल्ली। नीट छात्रा की नृशंस हत्या के मामले में पुलिसिया कार्रवाई और जांच की सुस्त रफ्तार ने अब जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज महिलाओं ने आज केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के कार्यालय का घेराव किया। इस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने किया।

​महिलाओं का फूटा गुस्सा, जमकर हुई नारेबाजी

​सुबह से ही भारी संख्या में महिलाएं सीबीआई दफ्तर के बाहर जुटने लगी थीं। हाथों में तख्तियां और इंसाफ के नारे लगाती महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि प्रशासन और जांच एजेंसियां मामले को दबाने की कोशिश कर रही हैं। “बेटी को न्याय दो” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

​सांसद पप्पू यादव ने दी चेतावनी

​प्रदर्शन में शामिल सांसद पप्पू यादव ने जांच की दिशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक छात्रा के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को फांसी की सजा नहीं होती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूखदारों को बचाने के लिए जांच में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 48 घंटों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को देशव्यापी बनाया जाएगा।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए सीबीआई दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन महिलाओं और समर्थकों के आक्रोश के आगे सुरक्षाकर्मी भी बेबस नजर आए। फिलहाल, माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।