नेहरू जयंती के कार्यक्रम में CM भूपेश के निशाने पर आरएसएस, कहा- मुसोलिनी और हिटलर को प्रेरणास्त्रोत मानने वालों की पोशाक और वाद्ययंत्र विदेशी

रायपुर। आज पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयंती है. इस मौके पर कांग्रेस भवन में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भूपेश बघेल थे. लेकिन जब बघेल ने पू्र्व प्रधानमंत्री पर बोलना शुरू किया, तो उन्होंने आरएसएस को जमकर आड़े हाथों लिया.

भूपेश बघेल ने बिना लाग-लपेट संघ पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि संघ के लोग मुसोलनी और हिटलर प्रेरणास्त्रोत मानते हैं. वे जो पोशाक पहनते और वाद्यंत्र बजाते हैं वो विदेशी है. खाकी और काली टोपी पहनकर ड्रम बजाना भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है.

सीएम भूपेश बघेल यही नहीं रुके बल्कि उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ लोग हैं जो नेहरू का कद कम करने लगे में है. ऐसे लोग नेहरू की आलोचना करते ही रहते हैं. जबकि सच्चाई ये है कि भारत में अनेक विचारधारा के लोग हैं और इन सबकों साथ लेकर चलने काम किसी ने किया है, तो वो नेहरू ही थे. उन्होने भिलाई स्टील प्लांट की नींव रखी. उन्होंने भिलाई मिनी भारत को बसाने का काम किया है. आज भिलाई में भारत के हर हिस्से के लोग रहते हैं. सच तो ये है कि नेहरू ने सभी वर्गों के हित का ख्याल रखा है. उन्होंने अन्नदातओं का सम्मान किया, उनके हाथ मजबूत किए. ं

मस्जिद ढहाने वालों ने स्वीकार नहीं किया

सीएम भूपेश बघेल ने राम मंदिर पर आए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. हमने न्यायलय का सम्मान किया है. हमने सही फैसले को स्वीकार किया है. लेकिन विवादित ढाँचा ढहाने वालों ने ये स्वीकार नहीं किया कि उन्होंने ढाँचा ढहाई है. सच्चाई तो ये है कि राम मंदिर के नाम पर भाजपा ने सिर्फ़ राजनीतिक रोटियाँ सेकने का काम किया है. अच्छा होता है कि लालकृष्ण आडवानी विवादित ढाँचा गिराने की बात भी स्वीकार कर लेते.

 

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