झारखंड, बिहार और बंगाल के 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी, पूछताछ के लिए परिवार के एक सदस्य को साथ ले गई जांच एजेंसी
हजारीबाग। सीमा पार से संचालित जाली भारतीय मुद्रा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में आठ संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के तहत हजारीबाग शहर में भी दो घरों को खंगाला गया। करीब सात घंटे तक चली तलाशी में लैपटॉप, प्रिंटर और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए। वहीं, पूछताछ के लिए परिवार के एक सदस्य को भी एजेंसी अपने साथ ले गई।
सुबह आठ बजे पहुंची NIA की टीम
जानकारी के मुताबिक, पटना NIA की सात सदस्यीय टीम बुधवार सुबह करीब आठ बजे हजारीबाग के शहीद सुभाष बारला रोड स्थित बाबा पथ (हुरहुरू) पहुंची। यहां उदय साव और प्रदीप साव के घरों पर तलाशी अभियान चलाया गया। करीब सात घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने घरों के विभिन्न हिस्सों की जांच की और डिजिटल उपकरणों के साथ आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए।
तीन राज्यों के आठ ठिकानों पर छापेमारी
NIA ने हजारीबाग के दो ठिकानों के अलावा बिहार के गया में तीन, औरंगाबाद में दो तथा पश्चिम बंगाल के मालदा में एक संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। पूरे अभियान के दौरान डिजिटल उपकरण, संदिग्ध कागजात और बांग्लादेशी मुद्रा भी बरामद की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले के तार संगठित अंतरराष्ट्रीय जाली नोट नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। इसी आधार पर अलग-अलग राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
बिहार में पकड़े गए थे 2.48 लाख रुपये के जाली नोट
यह मामला बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में जाली भारतीय मुद्रा की बरामदगी से जुड़ा है। यहां 2 लाख 48 हजार 500 रुपये मूल्य के जाली नोट पकड़े गए थे। इस मामले में मदनपुर थाने में 15 अगस्त 2026 को कांड संख्या 317/2026 के तहत सुरेंद्र कुमार, विजय यादव, रंजन और हजारीबाग निवासी प्रदीप साव उर्फ प्रदीप कुमार साव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
18 अक्टूबर को NIA ने संभाली थी जांच
मामले की गंभीरता और सीमा पार से संचालित नेटवर्क की आशंका को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने 18 अक्टूबर 2026 को जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद से एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों, उनके संपर्कों और संभावित ठिकानों की पड़ताल कर रही है। ताजा छापेमारी को इसी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

