धर्मेंद्र यादव, निवाड़ी। मध्य प्रदेश में अपराधी पुलिस से दो कदम आगे क्यों दौड़ते नजर आते हैं, इसकी एक बानगी निवाड़ी जिले में देखने को मिली। यहाँ अपराधियों का पीछा करने और कानून-व्यवस्था संभालने का दावा करने वाली पुलिस की अपनी गाड़ी ही बीच रास्ते पर हांफती और हास्य का पात्र बनती नजर आई। जेरोन थाने की एक पुलिस गाड़ी बीच बाजार में बंद हो गई, जिसे स्टार्ट करने के लिए राहगीरों से धक्के लगवाने पड़े।
बीच बाजार बंद पड़ी जेरोन थाने की जीप
घटना निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर कस्बे की है। जानकारी के अनुसार, जेरोन पुलिस थाने की गाड़ी जब पृथ्वीपुर के व्यस्त बाजार क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक बंद हो गई। चालक ने बार-बार चाबी घुमाकर और सेल्फ मारकर गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी ने चलने से साफ इंकार कर दिया।
थक गए राहगीर, लेकिन स्टार्ट नहीं हुई गाड़ी
जब काफी मशक्कत के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, तो लाचार चालक ने सड़क से गुजर रहे आम राहगीरों को रोका और उनसे जीप में धक्का लगाने का अनुरोध किया। कई राहगीरों ने मिलकर बीच बाजार गाड़ी में काफी दूर तक धक्के लगाए, लेकिन गाड़ी टस से मस नहीं हुई। आखिरकार थक-हारकर चालक ने गाड़ी को सड़क के एक किनारे खड़ा किया और मैकेनिक को बुलवाया। मैकेनिक द्वारा मरम्मत किए जाने के बाद ही गाड़ी आगे की ओर रवाना हो सकी।
10-15 साल पुरानी खटारा गाड़ियों के भरोसे कानून व्यवस्था
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निवाड़ी जिले में पुलिस की गाड़ियों को धक्के मारते देखना कोई नई बात नहीं है। जिले के कस्बाई और ग्रामीण थानों में आज भी 10 से 15 साल पुरानी, जर्जर और खटारा गाड़ियाँ इस्तेमाल की जा रही हैं। इमरजेंसी या किसी वारदात के वक्त ये गाड़ियाँ अक्सर दगा दे जाती हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब पुलिस की गाड़ियों को ही धक्कों और दूसरों के सहारे की जरूरत है, तो वे अपराधियों पर कैसे शिकंजा कस पाएंगी?
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


