Odisha Desk, भुवनेश्वर: दीवाली और अन्य आगामी त्योहारों के अवसर पर ओडिशा सरकार ने प्रशासनिक अखंडता और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए अपनी ‘नो गिफ्ट पॉलिसी’ को दोहराया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को त्योहारों के दौरान उपहार या इससे संबंधित वस्तुओं पर सार्वजनिक धन खर्च करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संजीव कुमार मिश्रा द्वारा 5 नवंबर 2026 की तारीख से जारी एक पत्र में सभी विभागों को इस नीति का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। लगातार दूसरे वर्ष राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई इस नीति को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए कहा गया है।
यह निर्देश सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, आयुक्त-सह-सचिवों तथा विभागों के सचिवों को संबोधित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) द्वारा 19 सितंबर, 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापन को अपनाने का निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार की यह नीति दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और अन्य अंगों को उपहारों या संबंधित वस्तुओं पर किसी भी प्रकार के खर्च से रोकती है। केंद्र सरकार के इसी दिशा-निर्देश का पालन करते हुए ओडिशा सरकार ने पिछले वर्ष 17 अक्टूबर, 2025 को वित्त विभाग के एक पत्र के माध्यम से पहली बार इस नीति को लागू किया था। इस वर्ष भी इसी निर्णय को दोहराते हुए वित्त विभाग ने राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को केंद्र द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
फैसले का मुख्य उद्देश्य है दीवाली और अन्य त्योहारों के दौरान सरकारी खजाने से मिठाई, उपहार या स्मृति चिह्नों पर होने वाले अनावश्यक खर्च को रोकना, सरकारी संस्थानों में किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव या उपहारों के लेन-देन को समाप्त कर प्रशासनिक अखंडता बनाए रखना और राज्य की सार्वजनिक संपत्तियों और करदाताओं के पैसे का उपयोग केवल जनकल्याणकारी कार्यों के लिए सुनिश्चित करना है।
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