लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव न लड़ने के ऐलान के बाद अध्यक्ष अखिलेश यादव पर विरोधियों का हमला शुरू हो गया है. अब उनके विरोधी उन पर तंज कस रहे हैं. अखिलेश की इस घोषणा के बाद AIMIM ने उन पर निशाना साधा है. पार्टी के प्रवक्ता ने इसे कायरता बताया है.
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने एक्स पर लिखा कि जब सेनापति ही युद्ध का मैदान छोड़कर भागने लगे तो स्पष्ट संकेत है कि वह या तो सामने वाले से समझौता कर चुका या कायरता का प्रमाण देकर आत्मसमर्पण. बताओ अखिलेश यादव जी आपने बीजेपी से समझौता किया है या आप कायर हैं इसीलिए चुनाव से भाग रहे हो?
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बता दें कि अखिलेश यादव ने खुद चुनाव न लड़ने की घोषणा की है. उन्होंने कहा था कि ‘हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं जब चुनाव नहीं लड़ते हैं.’ अखिलेश यादव ने अपने पिछले चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली बार वह विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे, लेकिन समाजवादी पार्टी 202 विधायकों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सकी थी. इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ने और अन्य नेताओं को चुनाव लड़वाने का फैसला किया है.
अखिलेश ने वर्ष 2012 के राजनीतिक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया. अखिलेश यादव ने बताया कि जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब लोकसभा के सांसद थे. उन्होंने इस स्थिति को अपने लिए शुभ बताते हुए कहा कि इस बार भी वह उसी तरीके को अपनाएंगे, जो पहले उनके लिए अच्छा रहा है. उनके बयान से संकेत मिलता है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह खुद प्रत्याशी नहीं होंगे. हालांकि, पार्टी के चुनाव प्रचार और नेतृत्व की जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने इस बयान में कोई अलग जानकारी नहीं दी है.

