Business Desk – NSE IPO Today : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE के 22,569 करोड़ रुपए के IPO में पैसा लगाने का आज यानी 21 सितंबर को आखिरी मौका है। इश्यू के दूसरे दिन कुल 1.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं ग्रे मार्केट में NSE IPO करीब 48 रुपए यानी 3% प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों की नजर संभावित Listing Gain पर भी है।

IPO का Price Band 1,700-1,785 रुपए प्रति शेयर है। एक लॉट में 8 शेयर हैं। अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,280 रुपए लगाने होंगे। यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है, जिसमें 12.64 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं, मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा।
NSE IPO की लिस्टिंग कब होगी?
इश्यू 21 सितंबर को बंद होगा। अलॉटमेंट 22 सितंबर 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि शेयरों की 24 सितंबर को BSE पर लिस्टिंग संभावित है। IPO के बाद NSE का अनुमानित मार्केट कैप करीब 4,41,788 करोड़ रुपए हो सकता है।
दूसरे दिन किसे कितना सब्सक्रिप्शन मिला?
कुल 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले इश्यू 1.16 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल हिस्से में 4.41 करोड़ शेयरों के मुकाबले 72% बोली मिली। NII कैटेगरी में 1.89 करोड़ शेयरों के मुकाबले 1.68 गुना और QIB कैटेगरी में 2.52 करोड़ शेयरों के मुकाबले 1.53 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
GMP क्या संकेत दे रहा है?
NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 48 रुपए है। 1,785 रुपए के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 1,833 रुपए बैठती है। यानी GMP फिलहाल संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि GMP अनौपचारिक बाजार का आंकड़ा है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत अलग हो सकती है।
ब्रोकरेज ने क्या कहा?
LKP Securities, YES Securities और Angel One ने IPO को Subscribe की राय दी है। LKP के मुताबिक पोस्ट-इश्यू इम्प्लाइड मार्केट कैप करीब 4.2-4.42 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।
YES Securities के अनुसार अपर प्राइस बैंड पर NSE का FY26 P/E 42.9 गुना, जबकि BSE का FY26 diluted P/E 54.3 गुना है। Angel One के मुताबिक NSE का पोस्ट-इश्यू P/E करीब 35.4 गुना, जबकि BSE का 54.2 गुना है। ब्रोकरेज ने NSE की मजबूत बाजार हिस्सेदारी, लाभप्रदता और कैपिटल मार्केट की ग्रोथ को सकारात्मक पहलू बताया है, जबकि नियामकीय जोखिम को चुनौती माना है।
NSE का बिजनेस कितना मजबूत?
NSE ट्रेडिंग, क्लियरिंग, लिस्टिंग, डेटा सर्विसेज और इंडेक्स लाइसेंसिंग जैसी सेवाएं देता है। जून 2026 तक इसके 13.24 करोड़ यूनिक रजिस्टर्ड निवेशक, 1,328 ट्रेडिंग मेंबर और 3,005 लिस्टेड कंपनियां थीं। इन कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 474.1 लाख करोड़ रुपए था।
जून 2026 तक कैश मार्केट में NSE की हिस्सेदारी 93%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.7% और प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर इक्विटी ऑप्शंस में 68.5% थी।
कमाई और सबसे बड़ा जोखिम
FY26 में NSE का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 16,601 करोड़ रुपए और PAT 10,302 करोड़ रुपए रहा। FY25 में ये आंकड़े क्रमशः 17,141 करोड़ और 12,188 करोड़ रुपए थे। FY26 EBITDA मार्जिन 67.6% और PAT मार्जिन 62.1% रहा। पहली तिमाही में ये क्रमशः 77.9% और 68.4% थे।
हालांकि, NSE की कमाई का बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज पर निर्भर है। FY26 में ऑपरेशंस रेवेन्यू का 78.7% ट्रांजैक्शन चार्ज से आया और अकेले ऑप्शंस से 60.2% रेवेन्यू मिला। इक्विटी ऑप्शंस में प्रीमियम टर्नओवर आधारित हिस्सेदारी FY24 के 96.86% से घटकर FY26 में 74.71% और जून 2026 में 68.48% रह गई। इसलिए वैल्यूएशन, ट्रेडिंग वॉल्यूम और नियामकीय बदलाव NSE IPO के प्रमुख जोखिम हैं।



