Odisha 77th Republic Day: कटक/भुवनेश्वर. ओडिशा ने देशभक्ति के उत्साह के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया. मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कटक के बारबाटी स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया.
Also Read This: गणतंत्र दिवस 2026: ओडिशा की ‘मिट्टी से सिलिकॉन’ झांकी ने दिखाई परंपरा और इनोवेशन की ताकत

Also Read This: प्यार की मिसाल: बुजुर्ग ने बीमार पत्नी को 600 KM रिक्शा खींचकर पहुंचाया अस्पताल, कबाड़ बीनकर कराया इलाज
मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली. इसमें 47 टुकड़ियां और विकास योजनाओं को दिखाने वाली नौ सरकारी झांकियां शामिल थीं. उन्होंने सभा को संबोधित किया. इसके बाद जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में रक्तदान शिविर और पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. उन्होंने NDRF के प्रदर्शन का भी निरीक्षण किया.
वहीं, राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने भुवनेश्वर के महात्मा गांधी मार्ग पर आयोजित समारोह का नेतृत्व किया. यहां 51 टुकड़ियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, साहसिक करतबों और 14 झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा. दोनों शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. 20 प्लाटून बल, डॉग स्क्वॉड, बम स्क्वॉड और CCTV निगरानी तैनात रही. ट्रैफिक व्यवस्था के लिए कई सड़कों पर प्रतिबंध लगाए गए थे.
Also Read This: बड़बिल बैंक डकैती का खुलासा, धनबाद से दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन माझी ने सरकार की प्राथमिकताओं को बताया. उन्होंने कहा कि दिखावटी मरम्मत के बजाय बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाले स्कूल बनाए जाएंगे. उन्होंने शिक्षा में लंबे समय तक सुधार का भरोसा दिलाया.
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इससे अब 3.5 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है. साथ ही सुभद्रा जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की बड़ी प्राथमिकता बताया. उन्होंने ओडिया भाषा के प्रचार और संरक्षण का भी संकल्प दोहराया. इस तरह ओडिशा में गणतंत्र दिवस का आयोजन उत्सव के साथ-साथ सुधार और कल्याण का मजबूत संदेश लेकर आया.
Also Read This: पद्म श्री 2026: ओडिशा की तीन जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किए जाने की संभावना
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें





