भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ अच्छा व्यवहार करें और उनकी शिकायत को गंभीरता से लें. उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
मुख्यमंत्री माझी ने राज्य में 14 नए थानों के भवनों के उद्घाटन के दौरान अपने एक पुराने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक विधायक के रूप में उन्हें भी पुलिस के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने पुलिस को सलाह दी कि वे अपना रवैया बदलें और थाने में आने वाले लोगों को सम्मानपूर्वक न्याय दें.
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मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैं विधायक था, तब 2019 में क्योंझर के आईआईसी (इंस्पेक्टर इंचार्ज) ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया और मुझे थाने से बाहर जाने को कहा था.” उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा, “पुलिस जनता की सेवा के लिए होती है, किसी के दबाव में काम करने के लिए नहीं.”
शिकायतकर्ताओं के लिए सम्मानजनक माहौल जरूरी
मुख्यमंत्री माझी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति शिकायत लेकर थाने आए, उसे सम्मान दें, उसे पानी-चाय ऑफर करें और उसकी बात पूरी गंभीरता से सुनें. उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं खुद पुलिस के दुर्व्यवहार का शिकार रह चुका हूं, इसलिए मैं नहीं चाहता कि भविष्य में कोई और ऐसी स्थिति से गुजरे.”
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एफआईआर दर्ज न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वहां के इंस्पेक्टर इंचार्ज (IIC) को निलंबित कर दिया जाएगा. उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को भी निर्देश दिया कि यदि किसी भी पुलिस स्टेशन में इन नियमों का उल्लंघन होता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए.
मुख्यमंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि वे राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं और जनता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

