Odisha Desk, कोरापुट: ओडिशा के सीमावर्ती विवादित क्षेत्र कोटिया को लेकर एक बार फिर राज्य की राजनीति गरमा गई है। कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश के लगातार हस्तक्षेप और हाल ही में वहां पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी किए जाने के बावजूद राज्य सरकार की कथित चुप्पी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। इसी सिलसिले में पट्टांगी के कांग्रेस विधायक रामचंद्र कादम ने कोटिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य और केंद्र दोनों सरकारों को आड़े हाथों लिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक रामचंद्र कादम ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्ष 1936 में जब से ओडिशा एक स्वतंत्र प्रांत के रूप में गठित हुआ है, तब से कोटिया ओडिशा का एक अभिन्न अंग रहा है और आगे भी हमेशा रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटिया के भविष्य और इसकी सुरक्षा के संबंध में विधानसभा में बार-बार सवाल उठाए जाने के बावजूद राज्य सरकार इस पर स्पष्ट रुख अपनाने से बच रही है और कोई ठोस बयान नहीं दे रही है। उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कोटिया क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी किए जाने की कड़ी निंदा की है।

कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत आंध्र प्रदेश सरकार के साथ उच्चस्तरीय चर्चा करे और कोटिया में चुनाव संबंधी उस अधिसूचना को रद्द करवाए। इसके अलावा, कोटिया मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे कानूनी विवाद और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इस पर सरकार को राज्य की जनता और विशेष रूप से कोटिया के स्थानीय आदिवासियों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विधायक रामचंद्र कादम ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोटिया के अधिकारों और ओडिशा की माटी की अस्मिता की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी अंतिम दम तक संघर्ष करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर नेरेडबलासा गांव के पास बैरिकेड्स या फाटक का निर्माण किया जाएगा ताकि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों और चुनाव प्रक्रिया को उस क्षेत्र में पूरी तरह से रोका जा सके।

इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीनाक्षी वाहिनीपति, कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूपक तुरुुक सहित पार्टी के कई अन्य स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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