भुवनेश्वर: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा विजिलेंस Odisha Vigilance ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कटक सर्कल में माइंस विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देबब्रत मोहंती के घर से 4 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी ज़ब्त की गई है।
यह कार्रवाई मोहंती के 24 फरवरी को एक कोयला व्यापारी से 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के ठीक एक दिन बाद की गई।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह राज्य में अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी है। इससे पहले वर्ष 2022 में गंजम जिले में सिंचाई विभाग के एक इंजीनियर के पास से 3.41 करोड़ रुपये नकद ज़ब्त किए गए थे, जो अब तक का रिकॉर्ड था।
विजिलेंस सूत्रों ने इस ऑपरेशन को माइनिंग सेक्टर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है।

ओडिशा विजिलेंस द्वारा पिछली टॉप कैश ज़ब्ती
*3.42 करोड़ रुपये: कार्तिकेश्वर राउल, AE, MI, गंजम (2022)
*3.12 करोड़ रुपये: प्रशांत कुमार राउत, एडिशनल। सब-कलेक्टर, नबरंगपुर (2023)
*Rs 2.56 करोड़: बैकुंठ नाथ सारंगी, चीफ इंजीनियर, RW डिपार्टमेंट, भुवनेश्वर (2025)
*Rs 2.08 करोड़: शांतनु महापात्रा, DD & PD, वाटरशेड, मलकानगिरी (2025)
*Rs 1.64 करोड़: उमेश चंद्र जेना, एडिशनल. डायरेक्टर, माइंस, भुवनेश्वर (2023)
*Rs 1.43 करोड़: राम चंद्र नेपक, डिप्टी रेंजर, कोरापुट (2025)
*Rs 1.40 करोड़: आशीष कुमार दास, SE, RW डिवीज़न, मलकानगिरी (2022)
*Rs 1.13 करोड़: डॉ. सुकांत जेना, गायनेकोलॉजिस्ट, चारिचका CHC (2022)
*Rs 1.06 करोड़: गया संतारा, जॉइंट मैनेजर, IDCOL (2022)
*Rs 1.02 करोड़: सुधांशु शेखर मिश्रा, पूर्व DFO, आठगड(2016)
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