Dharm Desk : हिंदू संस्कृति में भगवान शंकर की आराधना का विशेष स्थान है। देवाधिदेव महादेव बहुत ही भोले हैं और उन्हें खुश करने के लिए किसी बड़े अनुष्ठान या महंगे सामान की जरूरत नहीं होती बल्कि सच्चे मन से चढ़ाई गई एक छोटी सी वस्तु भी उनका आशीर्वाद दिला सकती है। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना अलग महत्व है और हर दिन के अनुसार शिवलिंग पर कुछ खास चीजें अर्पित करने से जीवन की कई परेशानियो से छुटकारा मिलता है।

सोमवार
सप्ताह का पहला दिन यानी सोमवार का दिन भगवान शंकर को समर्पित है। इस दिन शिवलिंग पर 11 साबुत चावल के दाने अर्पित करना बहुत शुभ होता है।ऐसा करने से घर में कभी भी धन-धान्य और पैसे की कमी नहीं होती है। यदि लंबे समय से आर्थिक तंगी बनी हुई है तो सोमवार के दिन विधि-विधान से शंकर जी का पूजन कर चावल जरूर चढ़ाने चाहिए।

मंगलवार
मंगलवार का दिन बजरंगबली और शंकर जी दोनों की आराधना के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर दो फूल वाली लौंग अर्पित करने से कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही यदि जीवन में पैसों की कोई तंगी चल रही है तो वह भी धीरे-धीरे दूर होने लगती है।

    बुधवार
    बुधवार के दिन दो हरी इलायची अपने हाथ में लेकर अपनी मन की इच्छा को मन ही मन बोलकर शिवलिंग पर अर्पित करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से इंसान की अटकी हुई मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं।

    गुरुवार
    गुरुवार के दिन भगवान शंकर को चने की दाल अर्पित करना बहुत शुभकारी माना गया है। इस दिन चने की दाल चढ़ाने से इंसान का सौभाग्य चमक उठता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

    शुक्रवार
    शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान शंकर की कृपा पाने के लिए भी खास है। इस दिन साबुत मूंग शिवलिंग पर अर्पित करने से घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है और जीवन में हमेशा सुख-सुविधा व वैभव बना रहता है।

    शनिवार
    शनिवार के दिन काले तिल और सरसों को शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। इस उपाय से शनि देव की कुदृष्टि और उसका प्रभाव दूर होता है। साथ ही जीवन में चल रहे सभी प्रकार के कष्ट और संताप समाप्त होते हैं।

    रविवार
    रविवार के दिन शुद्ध शहद से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से इंसान और उसके परिवार के सदस्यों को विशेष आरोग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।