Lifestyle Desk : दिवाली का त्योहार हो और घर में मिठाइयां न हों, ऐसा भला कैसे हो सकता है? इस मौके पर बाजार में तरह-तरह की मिठाइयां मिलती हैं और घरों में भी पकवान बनाए जाते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए त्योहार के दौरान खानपान का ध्यान रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। खासकर जब आसपास हर कोई मिठाई खा रहा हो, तो उनका भी मीठा खाने का मन करता है। ऐसे में कई लोग मिठाई से पूरी तरह दूरी बना लेते हैं। हालांकि, कुछ ऐसे विकल्प हैं जिन्हें सीमित मात्रा में खाकर मीठा खाने की इच्छा पूरी की जा सकती है। आइए जानते हैं डायबिटीज के मरीज दिवाली पर मिठाई की जगह क्या खा सकते हैं।
डार्क चॉकलेट खा सकते हैं
अगर आपको चॉकलेट पसंद है, तो कम मात्रा में डार्क चॉकलेट एक विकल्प हो सकती है। इसमें सामान्य मिल्क चॉकलेट की तुलना में चीनी कम हो सकती है। इसके लिए ऐसी डार्क चॉकलेट चुनें जिसमें कोको की मात्रा 70 प्रतिशत या उससे अधिक हो और अतिरिक्त चीनी कम हो। हालांकि, इसे भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, क्योंकि इसमें कैलोरी और फैट मौजूद होते हैं।
ताजे फल से पूरी करें मीठे की इच्छा
डायबिटीज के मरीज दिवाली पर मिठाई की जगह ताजे फल खा सकते हैं। अमरूद, सेब, नाशपाती और संतरा जैसे फल फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। फाइबर की मौजूदगी के कारण इनका सेवन रक्त शर्करा के स्तर में तेजी से उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, फलों की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प है।
घर पर बनाएं ड्राई फ्रूट्स की मिठाई
बाजार की चाशनी वाली मिठाइयों की जगह घर पर बादाम, अखरोट, पिस्ता और काजू से छोटी-छोटी मिठाई तैयार कर सकते हैं। इनमें प्राकृतिक फैट, प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है। इन्हें बिना चीनी या गुड़ मिलाए बनाया जा सकता है। ध्यान रखें कि ड्राई फ्रूट्स में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इनका सेवन भी सीमित मात्रा में करें।
दही और फलों से बनाएं स्वादिष्ट डेजर्ट
मीठा खाने का मन हो तो बिना चीनी वाला सादा दही लेकर उसमें थोड़े कटे हुए फल और दालचीनी मिला सकते हैं। इससे एक स्वादिष्ट डेजर्ट तैयार हो जाएगा। दही में प्रोटीन और कैल्शियम होता है, जबकि फलों से फाइबर और विटामिन मिलते हैं। ध्यान रखें कि फ्लेवर्ड या मीठा दही इस्तेमाल न करें, क्योंकि इनमें अतिरिक्त चीनी हो सकती है।

चिया सीड्स की खीर है अच्छा विकल्प
दिवाली पर खीर खाने का मन हो तो चिया सीड्स से एक अलग तरह का डेजर्ट तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बिना चीनी वाला दूध या सादा दही लें और उसमें चिया सीड्स मिलाकर कुछ देर के लिए रख दें। इसके बाद थोड़े कटे हुए फल और इलायची डालें। चिया सीड्स में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। इससे पेट देर तक भरा महसूस हो सकता है। इसमें चीनी, शहद या गुड़ मिलाने से बचें।
भुने हुए मखाने भी हैं विकल्प
अगर आपको त्योहार के दौरान कुछ मीठा और हल्का खाने का मन है, तो थोड़े से मखाने भूनकर उनमें दालचीनी पाउडर मिला सकते हैं। चाहें तो कुछ कटे हुए बादाम भी डाल सकते हैं। मखाने को घी और चीनी में भूनकर मीठा बनाने के बजाय कम घी में तैयार करें।
डायबिटीज के मरीज दिवाली पर इन बातों का रखें ध्यान
1-मिठाई या मीठे विकल्पों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
2-शुगर फ्री लिखे उत्पादों को भी बिना जांचे न खाएं। इनमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी हो सकती हैं।
3-शहद, गुड़ और खजूर को चीनी का सुरक्षित विकल्प न समझें। ये भी रक्त शर्करा बढ़ा सकते हैं।
4-मिठाई खाली पेट खाने से बचें और अपने नियमित भोजन का ध्यान रखें।
5-त्योहार के दौरान दवाइयां और इंसुलिन लेने का समय न बदलें।
6-भोजन के बाद हल्की सैर करना फायदेमंद हो सकता है।
डायबिटीज के मरीजों को त्योहार के दौरान पूरी तरह मीठा छोड़ने के बजाय उसकी मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। हर व्यक्ति की ब्लड शुगर की स्थिति, दवाइयां और खानपान की जरूरत अलग होती है। इसलिए अपनी डाइट में किसी भी नए विकल्प को शामिल करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

