Dharm Desk – शास्त्रो में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कई मंत्रों और स्तुतियों का जिक्र हुआ है। इन्हीं में मां लक्ष्मी के अठारह पुत्रों के नामों का स्मरण भी एक खास स्थान रखता है। दिवाली के दिन इन नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ होता है। मां लक्ष्मी के अठारह पुत्रों के नामों का स्मरण धन-धान्य, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की कामना से किया जाता है। शांत मन से उनके अठारह पुत्रों के नामों का जाप करें।

1.ॐ बल्लवाय नमः।
2.ॐ चिकलाय नमः।
3.ॐ तेजाय नमः।
4.ॐ हर्षाय नमः।
5.ॐ सोमाय नमः।
6.ॐ अमृताय नमः।
7.ॐ धनदाय नमः।
8.ॐ अनघाय नमः।
9.ॐ मणिभद्राय नमः।
10.ॐ कुबेराय नमः।
11.ॐ ऋद्धये नमः।
12.ॐ सिद्धये नमः।
13.ॐ मकरध्वजाय नमः।
14.ॐ कंदर्पाय नमः।
15.ॐ मदनाय नमः।
16.ॐ रतिप्रियाय नमः।
17.ॐ पुष्पदंताय नमः।
18.ॐ धन्वं तरये नमः।
दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा के साथ उनके 18 पुत्रों के नामों का स्मरण करना भी विशेष महत्व रखता है। धार्मिक ग्रंथों से जुड़ी प्रचलित मान्यता में इन नामों के जाप को घर में सुख-समृद्धि और धन की स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि मां लक्ष्मी चंचला हैं, इसलिए उनकी कृपा को घर में बनाए रखने के लिए श्रद्धा और विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इसके लिए दिवाली की रात लक्ष्मी पूजन के बाद घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए उनके 18 पुत्रों के नाम एक-एक करके बोलें। प्रत्येक नाम का उच्चारण शांत मन से करें और अंत में परिवार की सुख-समृद्धि तथा घर में धन-धान्य की स्थिरता की प्रार्थना करें। इस उपाय में किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं होती, बल्कि श्रद्धा और नियमितता को महत्व दिया गया है।

