बिलासपुर। मस्तुरी पुलिस ने मानव तस्करी की साजिश को विफल करते हुए एक बालिग और तीन नाबालिग को नागपुर और पुणे ले जाकर बेचने ले जा रहे आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की. आरोपी ने घरवालों को फोन के जरिये जम्मू-कश्मीर जाने की झूठी सूचना दी थी. थाना में सूचना प्राप्त होने के 10 घंटे भीतर ही बच्चियों को सकुशल बरामद किया गया.

प्रार्थी गोपाल कुमार निषाद ने थाना मस्तुरी में एफआईआर दर्ज कराया, जिसमें उसने बताया कि कोटमी-सोनार निवासी दयानंद सोनी ने उसकी बहन को अन्य प्रदेश में काम कराने ले जाने का प्रलोभन देते हुए बोला था कि दो – तीन अन्य लड़कियां भी मिल जाएंगी तो वह उन्हें बाहर काम दिला देगा. इसके दो दिन बाद 18 फरवरी को अचानक उसकी बहन तथा गांव से तीन अन्य लड़कियां गायब हो गई.

प्रार्थी के रिपोर्ट पर धारा 370 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर तत्काल पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और एएसपी बिलासपुर (ग्रामीण) संजय ध्रुव को सूचना दी गई. पुलिस अधीक्षक ने मामले में उप पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय तथा थाना प्रभारी मस्तुरी फैजुल शाह के नेतृत्व में टीम गठन कर गुम हुई बच्चियों तथा आरोपी की शीघ्र पता-साजी का निर्देश दिया.

थाने स्तर पर दो टीम बनाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया. एक टीम थाने एवं ग्राम स्तर पर आसूचना संकलन कर रही थी, दूसरी टीम तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रही थी. इसी दौरान आरोपी के संबंध में मिली जानकारी के आधार पर मस्तुरी पुलिस ने सायबर सेल से संपर्क कर आरोपी की पता-साजी की. इस दौरान बिलासपुर बस स्टैण्ड से रायपुर भागने के प्रयास में आरोपी दयानंद सोनी को हिरासत में लिया और चारों बच्चियों को सकुशल बरामद किया गया.

आरोपी से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह साल भर पहले नागपुर में काम कर चुका है. वहां काम करने के लिये लड़के-लड़कियों की आवश्यकता रहती है, और इन्हें कमीशन लेकर नागपुर में काम करने के लिए बेच देता. आरोपी पहले बिलासपुर रेलवे स्टेशन से लड़कियों के साथ भागने की फिराक में था, लेकिन रिजर्वेशन नहीं मिलने पर बस से भागना चाह रहा था.मामले में मस्तुरी पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया गया है.

उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी मस्तुरी फैजुल शाह, उप निरीक्षक सीएस नेताम, सायबर सेल प्रभारी प्रभाकर तिवारी, सहायक उप निरीक्षक हेमंत आदित्य, प्रधान आरक्षक जीवन जायसवाल, आरक्षक धमेन्द्र साहू, नवीन एक्का की महती भूमिका रही.