भुवनेश्वर। ओडिशा में रेस्क्यू कर लाए गए दुर्लभ प्रजाति के ओरंगुटान राज्य की जलवायु और वातावरण में तेजी से ढल रहे हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह खूंटिया ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि इन ओरंगुटानों के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनकी विशेष देखभाल की जा रही है।

मंत्री ने बताया कि ओरंगुटानों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेषज्ञों की अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं, जो नियमित रूप से उनकी जांच कर रही हैं। निरंतर देखभाल के चलते उनके वजन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वन मंत्री गणेश राम सिंह खूंटिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ओडिशा का मौसम इन ओरंगुटानों के अनुकूल साबित हो रहा है। यहां की जलवायु इन जीवों के प्राकृतिक आवास से मेल खाती है, जिससे वे आसानी से यहां समायोजित हो रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उनकी सेहत और खान-पान पर नजर रख रही है। उचित देखभाल और संतुलित पोषण के कारण उनके वजन में सुधार देखा गया है।

मूल देश का पता लगाने के लिए होगा DNA टेस्ट

मंत्री गणेश राम सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि इन ओरंगुटानों के मूल स्थान का सटीक पता लगाने के लिए जल्द ही DNA परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ संपर्क स्थापित किया गया है। बहुत जल्द ओरंगुटानों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। DNA रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि इन्हें किस देश से तस्करी कर लाया गया था या ये मूल रूप से कहां के हैं।

रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ओडिशा सरकार विस्तृत जानकारी भारत सरकार को सौंपेगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव नियमों के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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