चंडीगढ़. पंजाब में बाढ़ की मार के बीच आज से धान की खरीद शुरू हो गई है। इसको सुचारू रूप से संचालित करने और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए पंजाब सरकार ने राज्यभर में 1822 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। सरकार ने इस बार धान की खरीद का लक्ष्य 190 लाख टन रखा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंडियों का खुद जायजा लेने की घोषणा की है और सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम मान खुद करेंगे मंडियों का निरीक्षण
धान की खरीद को सुचारू बनाने और किसानों को परेशानी से बचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं मंडियों में जाकर जांच करेंगे।

उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ के कारण फसल को भारी नुकसान हुआ है और इस बार धान में नमी की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे आढ़तियों से मैपिंग कराने के बाद ही फसल मंडियों में लेकर आएं, ताकि बिक्री में परेशानी न हो।
फसल की गुणवत्ता और नमी की जांच के लिए आढ़तियों से मैपिंग अनिवार्य की गई है। मंडी बोर्ड ने बिजली, पीने का पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मंडियों को फिर से शुरू करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, ताकि पानी और गाद को हटाया जा सके और 19 सितंबर तक सभी मंडियों को खरीद सीजन के लिए तैयार किया जा सके।

कंबाइन से कटाई और पराली जलाने पर रोक
शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन से धान की कटाई पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, पराली जलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभिन्न जिलों के डीसी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए जा रहे हैं।
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