न्यूयॉर्क की एक फेडरल कोर्ट ने एक पाकिस्तानी नागरिक को अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया है. आरोपी पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के लिए काम करने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई बड़े नेताओं को निशाना बनाने का प्लान बनाने का आरोप है.दोषी ठहराए गए आरोपी का नाम आसिफ मर्चेंट है, जो 47 साल का पाकिस्तानी नागरिक है. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक, मर्चेंट IRGC का ऑपरेटिव था. उसे जुलाई 2024 में टेक्सास से अरेस्ट किया गया था. प्रॉसिक्यूटर्स ने बताया कि मर्चेंट अप्रैल 2024 में अमेरिका पहुंचा और जून में न्यूयॉर्क में कुछ कथित हिटमैन से मिला, जो असल में अंडरकवर अमेरिकी लॉ एन्फोर्समेंट ऑफिसर्स थे. जुलाई में देश छोड़ने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

किसे निशाना बनाने का था इरादा?

ट्रायल के दौरान मर्चेंट ने बताया कि ईरान में उसके हैंडलर ने उसे तीन पोटेंशियल टारगेट दिए थे. जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व यूएन एंबेसडर निक्की हेली शामिल थे. इन तीनों नेताओं को पॉलिटिकल रैलियों के दौरान निशाना बनाने की योजना थी.

मर्चेंट ने अपने बचाव में कहा कि उसने ईरान में अपने फैमिली को प्रोटेक्ट करने के लिए यह प्लान बनाया और वह आखिर में अमेरिकी अथॉरिटीज को इस प्लान के बारे में बताने वाला था. उसके वकील ने दलील दी कि उसने असल में अटैक को अंजाम देने का कभी प्लान नहीं बनाया था और सिर्फ फैमिली को सेफ रखने के लिए इस स्कीम में शामिल होने का नाटक किया था.

कितनी सजा हो सकती है?

मर्चेंट पर टेररिज्म और मर्डर-फॉर-हायर (हत्या के लिए पैसे लेने) का आरोप लगा है. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने बताया कि उसे उम्रकैद (लाइफ इंप्रिजनमेंट) तक की सजा हो सकती है. यह मामला ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को दिखाता है और अमेरिका में हाई-प्रोफाइल नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.

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