Odisha Desk, भुवनेश्वर: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कड़ी कार्रवाई के तहत ओडिशा विजिलेंस को एक अहम सफलता मिली है। भवानीपटना के विशेष सतर्कता न्यायाधीश ने कालाहांडी जिले के एक पंचायत कार्यकारी अधिकारी को भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है।
दोषी अधिकारी की पहचान गिरीश चंद्र साबर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में गोलामुंडा ब्लॉक के तहत चाहाका ग्राम पंचायत में पीईओ के रूप में तैनात थे। इससे पहले वे कालाहांडी जिले के केसिंगा ब्लॉक के अंतर्गत सिरोल और गोकुलेश्वर ग्राम पंचायतों में पीईओ के पद पर कार्यरत थे।
जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने सिरोल और गोकुलेश्वर ग्राम पंचायतों के वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों के लिए आए सरकारी धन का भारी पैमाने पर गबन किया था।
ओडिशा विजिलेंस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(c) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई करते हुए भवानीपटना के विशेष सतर्कता न्यायाधीश ने शुक्रवार को उन्हें दोषी ठहराया।
अदालत ने गिरीश चंद्र साबर को 4 साल के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें अपनी सजा काटने के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब ओडिशा विजिलेंस विभाग कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपी गिरीश चंद्र साबर को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास औपचारिक प्रस्ताव भेजेगा। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
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