कुंदन कुमार, पटना। 14 सूत्री लंबित मांगों को लेकर पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधियों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। अधिकारों की अनदेखी से नाराज प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मंत्री का घेराव किया और सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि सरकार और विभाग लगातार उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं। मंत्री उनकी वाजिब समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण व्यवस्था चरमरा गई है।

​अधिकारियों की मनमानी और हकमारी पर रोष

​प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग को जन प्रतिनिधियों के बजाय अधिकारी अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं। लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को दरकिनार कर नौकरशाही का वर्चस्व स्थापित कर दिया गया है। पंचायत स्तर पर मिलने वाले फंड, अधिकार और कार्यप्रणाली में लगातार की जा रही कटौती से विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ चुके हैं। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब अधिकारियों की यह तानाशाही और हकमारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

​सड़क पर उतरे प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि मंत्री और विभाग ने उनकी 14 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो यह विरोध केवल घेराव तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उनके सभी संवैधानिक अधिकार तुरंत बहाल किए जाएं।