पंचकूला। दो युवकों को फर्जी वीआईपी बनना भारी पड़ गया। दोनों अपनी नई कार पर गैरकानूनी तरीके से लाल-नीली बत्ती लगाकर घूम रहे थे। वे सड़क पर लोगों पर रौब झाड़ रहे थे।

तभी वहां से क्राइम और ट्रैफिक डीसीपी अमरिंदर सिंह गुजरे। उन्होंने युवकों को कार रोकने का इशारा किया। लेकिन युवक पुलिस को देखकर डर गए। उन्होंने कार रोकने के बजाय उसकी स्पीड बढ़ा दी।

युवक पुलिस से बचने के लिए कॉलोनियों की गलियों में कार दौड़ाने लगे। डीसीपी ने भी अपनी सरकारी गाड़ी से उनका पीछा शुरू कर दिया। पंचकूला की सड़कों पर करीब 5 किलोमीटर तक फिल्मी स्टाइल में यह भागम-भाग चलती रही।

आखिरकार सेक्टर-15 के पास पुलिस ने नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने कार को चारों तरफ से घेरकर रुकवा लिया। जांच में कार की नंबर प्लेट भी अस्थायी पाई गई। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और गाड़ी को जब्त कर लिया।

मौके पर ही युवकों का 30 हजार रुपये का भारी चालान भी काटा गया। पुलिस ने दोनों को दोबारा ऐसी गलती न करने की सख्त चेतावनी दी.