पानीपत। शहर के काबड़ी रोड स्थित हरे कृष्णा फैक्ट्री के गोदाम में दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय मजदूर की जान चली गई। गोदाम में कपड़ों की छंटाई करते समय अचानक भारी कपड़े की गांठ मजदूर के ऊपर जा गिरी। गांठ के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान बिहार के छपरा निवासी मंटू कुमार के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 25 वर्षों से पानीपत में रहकर मजदूरी कर रहा था। मंटू गंगाराम कॉलोनी में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में दो बच्चे हैं। पिता की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
जानकारी के अनुसार हादसे के समय गोदाम में कई मजदूर कपड़ों की छंटाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान कपड़े की एक भारी गांठ अचानक मंटू के ऊपर आ गिरी। वह उसके नीचे बुरी तरह दब गया। मौके पर मौजूद मजदूरों ने तुरंत उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पानीपत के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
करीब 25 साल पहले बेहतर रोजगार की तलाश में बिहार के छपरा से पानीपत आए मंटू कुमार ने दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण किया। लेकिन फैक्ट्री के गोदाम में हुए एक हादसे ने परिवार का सहारा छीन लिया। अब पीछे रह गए परिवार के सामने दो बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
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