पानीपत। सुबह के करीब 6 बजे थे। लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे। इसी दौरान मॉडल टाउन स्थित भाटिया कार्यालय पर इनकम टैक्स विभाग की टीमें पहुंच गईं। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। जानकारी के मुताबिक, छापेमारी में दिल्ली और पंजाब की टीमें भी शामिल हैं।


कार्रवाई दवाओं की सप्लाई से जुड़े कारोबार के ठिकानों पर की जा रही है। हालांकि, विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि जांच किस वजह से शुरू हुई और किन वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

दो फर्मों के कारोबार की हो रही चर्चा

जानकारी के अनुसार, अनिल भाटिया और अश्वनी भाटिया से जुड़ी प्लस डिस्ट्रीब्यूशन और प्लस डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से दो फर्म संचालित हैं। इनका काम अस्पतालों तक दवाएं पहुंचाना बताया जा रहा है।

इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने सोमवार सुबह यहां पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि अधिकारियों ने कौन से दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं या जांच के दौरान क्या पाया गया है।

पानीपत में वेयरहाउस, गुरुग्राम में मुख्य कार्यालय

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फर्म का एक वेयरहाउस पानीपत में जीटी रोड पर हन्नू स्वीट्स के पीछे स्थित है। वहीं, इसका मुख्य कार्यालय गुरुग्राम में बताया जा रहा है।

पानीपत के सुखदेव नगर स्थित सचदेवा शॉप का नाम भी कारोबार से जुड़ी गतिविधियों के संदर्भ में सामने आया है। इसके अलावा, करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पास स्थित 24×7 नाम की दवा दुकान से भी संबंध होने की जानकारी मिली है।

हालांकि, इन सभी ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने कार्रवाई की है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई से भी जुड़ाव

दवा कारोबार से जुड़े इस नेटवर्क के अस्पतालों तक फैले होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि फर्म का पार्क अस्पताल नेटवर्क और मेट्रो अस्पताल तक दवाओं की सप्लाई से संबंध है। गुरुग्राम के कुछ अन्य संस्थानों के साथ भी कारोबारी संपर्क होने की बात कही जा रही है।

हालांकि, इन संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई करना अपने आप में किसी वित्तीय अनियमितता का प्रमाण नहीं है।

अब जांच के नतीजों पर नजर

फिलहाल इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई जारी रहने और जांच के दायरे को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। विभाग की ओर से न तो छापेमारी की वजह बताई गई है और न ही किसी गड़बड़ी की पुष्टि की गई है।
ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि विभाग किन वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है। फिलहाल सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई ने पानीपत के कारोबारी हलकों में चर्चा तेज कर दी है।