कुंदन कुमार, पटना। शहर के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज के कर्मी पिछले 28 सितंबर से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गहराई से जाना। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए और गंभीर आरोप लगाए।

​चुल्लू भर पानी में डूब मरे सरकार

​सांसद पप्पू यादव ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मानदेय न मिलने की वजह से राज्य में अब तक 42 से 43 लोग भुखमरी के शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इस निकम्मी और संवेदनहीन सरकार को इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी सरकार को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए, जिसका खजाना खाली हो चुका है और जो अपने ही राज्य के कर्मचारियों और गरीबों का पेट भरने में असमर्थ है।

​सारण बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी का आरोप

​गर्दनीबाग के धरने के अलावा, सांसद ने सारण जिले में आए भयंकर बाढ़ के हालात पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ आए हुए 72 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद सरकार या प्रशासन की तरफ से पीड़ितों तक कोई भी राहत सामग्री या मदद नहीं पहुंचाई गई है। हालात इतने बदतर हैं कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए उन्होंने खुद अपने निजी संसाधनों से जनरेटर खरीदकर उपलब्ध कराए हैं, जो सरकार की नाकामी को उजागर करता है।

​ज्ञानेश कुमार को लेकर दिया बड़ा बयान

​इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी विदाई का फैसला अब बिहार और देश की जनता तय करेगी। सांसद के इस दौरे और तीखे बयानों के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।