पटना। ​पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के लिए शुक्रवार का दिन न्याय की जीत बनकर आया। पटना की एक अदालत ने उन्हें राहत देते हुए उन सभी तीन मामलों में जमानत दे दी है, जिनकी वजह से वे पिछले सात दिनों से न्यायिक हिरासत में थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद पप्पू यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में ‘सत्यमेव जयते’ कहा और दोहराया कि वे न्याय और जनता के इंसाफ के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

​जमानत के साथ जुड़ी शर्तें

​सांसद के वकील शिवनंदन भारती के अनुसार, कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। पप्पू यादव को हर सुनवाई पर सशरीर (व्यक्तिगत रूप से) कोर्ट में उपस्थित होना होगा। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद आज शाम तक उनके जेल से बाहर आने की पूरी संभावना है।

​7 दिनों का घटनाक्रम और कानूनी पेंच

​पप्पू यादव की मुश्किलें 6 फरवरी को शुरू हुई थीं, जब पुलिस ने उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि उस पुराने मामले में उन्हें तुरंत बेल मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने नाटकीय मोड़ लाते हुए दो अन्य पुराने केस (2017 और 2019 के) फाइल से निकाल लिए। ये दोनों मामले पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र से संबंधित थे।
​9 फरवरी से पटना सिविल कोर्ट में उनकी जमानत पर लगातार बहस चल रही थी। कई दिनों के इंतजार और कानूनी दलीलों के बाद आखिरकार कोर्ट ने उन्हें राहत दी। पप्पू यादव के समर्थकों में इस फैसले के बाद भारी उत्साह देखा जा रहा है।