मानसा : परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार 8 नवम्बर को दोपहर को किया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके परिजन बेहद भावुक नजर आए. झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने पंजाब के युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि दीवाली के पवित्र अवसर पर हर युवा नशों को त्यागने और नशों से दूर रहने का संकल्प ले. यही उनके बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

बीते दिन डॉक्टरों की टीम द्वारा उसका पोस्टमार्टम पूरा किया गया. झोटा की देह को पी.जी.आई. में रखा गया है. परिवार रविवार को दीवाली के दिन शव लेकर सुबह 5 बजे रवाना हुआ. जानकारी सामने आई है कि परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार करने के लिए चकेरियां रोड स्थित उसके अपने खेत में ही तैयारियां कर ली गई हैं और घर की ओर जाने वाली सड़क भी बना दी गई है. भीम सिंह ने कहा कि अगर मानसा के SSP का ट्रांसफर नहीं हुआ तो वे इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करेंगे.

भूख हड़ताल में पिता

जानकारी हो कि झोटा के पिता की पी.जी.आई. में भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही. झोटा के समर्थकों व साथियों ने कुछ खाने-पीने की सलाह दी पर उन्होंने उससे इंकार कर दिया. उन्होंने सरकार से मांग रखी है कि जब तक मानसा के SSP का ट्रांसफर नहीं हो जाता, वे भूख हड़ताल पर रहेंगे. उनका कहना है कि झोटा का शव मानसा पहुंचने से पहले ही SSP का ट्रांसफर हो जाना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि उन्हें कोई भी मजबूर न करे वह अपने वादे के पक्के हैं. गौरतलब है कि झोटा के पिता भीम सिंह ने 5 नवंबर से भूख हड़ताल शुरू की है.

पत्नी ने कहा कोई लालच नहीं

उधर 26वें दिन मानसा के तीनकोनी चौक पर चल रहा धरना जारी रहा, जिसमें झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि लोग उन्हें ट्रोल करना बंद करें. उन्होंने किसी भी लोभ-लालच में आकर सरकार के साथ यह समझौता नहीं किया है और न ही उन्हें किसी चीज़ की जरूरत है. उन्होंने कहा कि उनके पति के जाने से जो घाटा हुआ है, उसे पैसे, नौकरियां या सुख-सुविधाएं पूरा नहीं कर सकतीं.