मानसा: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में जांच सीबीआई के हाथों में जाने के साथ ही अदालत ने आरोपी अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी नीलम रानी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मानसा पुलिस ने अदालत को बताया कि इस मामले की जांच अब सीबीआई द्वारा की जाएगी. ऐसे में पंजाब पुलिस ने यह भी कहा कि फिलहाल दोनों आरोपियों के और रिमांड की जरूरत नहीं है. हालत को देखते हुए पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी. पुलिस की दलील सुनने के बाद अदालत ने अश्वनी कुमार और नीलम रानी को 5 नवंबर तक जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए. अब दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे.

झोटा की पत्नी ने लगाया आरोप

आपको बता दें कि परविंदर झोटा की पत्नी ने यह आरोप लगाया है कि उनके बिना किसी मांग के पहले ही सरकार ने आरोपी की दुकान में बुलडोजर चलाने का फैसला ले लिया. उन्होंने कहा कि इसकी मांग नहीं की गई थी लेकिन फिर भी यह फैसला लिया गया. उन्होंने यह भी कहां दुकान में कई सबूत मिल सकते थे जो सरकार के फैसले से पूरे तरह खत्म हो गए.