मानसा. परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में आरोपी से शुरुआती पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. इस दौरान पता चला है कि आरोपी की पत्नी नीलम रानी को उसके इरादों के बारे में जानकारी थी. हालांकि, उसने पुलिस को सूचित नहीं किया, अगर वह इसकी जानकारी पुलिस को देती तो शायद परविंदर की जान नहीं जारी. पुलिस को जानकारी नहीं देने के चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.

मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने मीडिया को बताया कि अगर आरोपी की पत्नी ने पुलिस को सतर्क कर दिया होता, तो शायद यह घटना न होती. उन्होंने आगे बताया कि वारदात से कुछ मिनट पहले ही आरोपी अश्वनी कुमार ने अपने चाचा और एक युवक को फोन किया था. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है. जांच में यह देखा जाएगा कि आरोपी ने फोन पर क्या पूछताछ की थी. आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद, अश्वनी कुमार बुलेट मोटरसाइकिल पर मौके से फरार हो गया और बाद में बस के जरिए राजस्थान पहुंच गया. वहीं से उसे पकड़ा गया.

हथियार का लाइसेंस कैसे मिला-हरसिमरत कौर

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर मानसा में चल रहे धरने में बठिंडा से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पहुंचीं. उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब उनके साथ खड़ा है.

हरसिमरत ने मुख्य आरोपी के हथियार लाइसेंस को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि उसका लाइसेंस पहले रद्द हो चुका था, वह जेल में रह चुका था और उसके ठिकानों पर कई बार छापेमारी हुई थी, तो 2024 में उसे दो हथियारों के लाइसेंस कैसे जारी किए गए? उन्होंने कहा कि आम लोगों को लाइसेंस मिलने में मुश्किलें आती हैं, जबकि ऐसे व्यक्ति को पांच साल के लिए हथियारों के लाइसेंस मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है.उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर, एसएसपी और डीएसपी की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए पूछा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं की गई. हरसिमरत ने मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पंजाब में इतने गंभीर हालात हैं, तो मुख्यमंत्री दिल्ली में क्यों बैठे हैं और विदेश जाने की तैयारी क्यों कर रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक लोगों, पुलिस और प्रशासन के बीच एक बड़ा गठजोड़ काम कर रहा है, जो पंजाब की जवानी को नशे की भेंट चढ़ा रहा है.